कत्थक की भाव-भंगिमाओं से छात्र-छात्राओं को मंत्रमुग्ध कर गए पंडित रुद्र शंकर मिश्र
बलरामपुर के सेंट जेवियर्स स्कूल में स्पीक मैके के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में कथक कलाकार पंडित रुद्र शंकर मिश्र ने छात्रों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों से परिचित कराया।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 8 अगस्त 2026
बलरामपुर के सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कथक कार्यशाला का आयोजन किया गया। शनिवार को सेंट जेवियर्स और 'स्पिक मैके' (SPIC MACAY) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बनारस घराने के चौथी पीढ़ी के प्रतिष्ठित कथक कलाकार पंडित रुद्र शंकर मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं को कथक नृत्य की मनमोहक दुनिया से रूबरू कराया।
कार्यक्रम में 'स्पिक मैके' के पदाधिकारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेंद्र चौहान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पंडित रुद्र शंकर मिश्र, जिन्हें युवा कला के क्षेत्र में एक अत्यंत प्रतिष्ठित नाम माना जाता है, ने अपनी कला के माध्यम से छात्रों को भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की गहराई से परिचित कराया। उन्होंने न केवल अपनी कला का प्रदर्शन किया, बल्कि छात्रों के साथ जुगलबंदी भी की, जिसने सभागार में एक जीवंत माहौल बना दिया।
कत्थक कला के युवा पुरोधा
पंडित रुद्र शंकर मिश्र, महान गुरु आचार्य सुखदेव महाराज की शिष्य परंपरा का हिस्सा हैं। वे प्रसिद्ध कथकाचार्य एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित पंडित माता प्रसाद मिश्र के सुपुत्र और पंडित रवि शंकर मिश्र के भतीजे व शिष्य हैं। पांच वर्ष की अल्पायु से कथक की शिक्षा ग्रहण करने वाले पंडित मिश्र ने निरंतर साधना और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति को गौरवान्वित किया है।
उनकी प्रतिभा को भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित केंद्रीय युवा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया है, जो किसी भी युवा कलाकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त, वे दूरदर्शन के ग्रेडेड कलाकार हैं और 'स्पिक मैके' के एम्पैनल्ड कलाकार के रूप में देशभर में भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। साहित्य श्री सम्मान, कला गौरव सम्मान, बाल अध्येता पुरस्कार, राष्ट्रीय युवा महोत्सव पुरस्कार तथा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की छात्रवृत्ति जैसे अनेक प्रतिष्ठित सम्मान उनकी कलात्मक उत्कृष्टता के प्रमाण हैं।
कार्यशाला का शुभारंभ और प्रस्तुति
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पंडित रुद्र शंकर मिश्र, विद्यालय प्रबंध समिति की निर्देशिका श्रीमती सुजाता आनंद, इशिका आनंद और विद्यालय प्राचार्य डॉ. कृष्ण मोहन ने दीप प्रज्जवलन के साथ किया। इसके उपरांत, विद्यालय के बच्चों ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। मंच संचालन विद्यालय अध्यापक संजय तोमर ने कुशलतापूर्वक किया।
कार्यशाला के दौरान, पंडित रुद्र शंकर मिश्र ने कथक नृत्य की विभिन्न विधाओं का प्रदर्शन कर उपस्थित छात्र-छात्राओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके तबला और वोकल संगतकार उदय शंकर मिश्र व राघवेंद्र शर्मा ने भी अपनी कला से समा बांधा। बच्चों ने इस प्रस्तुति को खूब सराहा और कलाकारों के साथ कथक के कुछ अंशों पर जुगलबंदी का भी आनंद लिया।
सम्मान और आभार
कार्यक्रम के अंत में, विद्यालय प्रबंध समिति की सह-निर्देशिका श्रीमती सुजाता आनंद, निर्देशिका श्रीमती इशिका आनंद और विद्यालय प्राचार्य डॉ. कृष्ण मोहन ने मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय प्राचार्य डॉ. कृष्ण मोहन ने सभी अतिथियों, प्रबंध समिति के सदस्यों और कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में अमन जयसवाल, मनमोहन ओझा, लईक अंसारी, संजय तोमर और डी.एन. शुक्ला जैसे शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
