कर्तव्य पथ पर शहीद प्रधान आरक्षक के परिवार को ₹1.23 करोड़ की सहायता
मध्य प्रदेश पुलिस ने ड्यूटी के दौरान दिवंगत प्रधान आरक्षक सर्जन भील के परिवार को ₹1.23 करोड़ की आर्थिक सहायता और उनके पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 13 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश पुलिस अपने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए एक सराहनीय पहल के तहत, राजगढ़ जिले में ड्यूटी के दौरान दिवंगत हुए प्रधान आरक्षक सर्जन भील के आश्रित परिवार को एक करोड़ तेईस लाख रुपये की भारी-भरकम आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ ही, दिवंगत आरक्षक के पुत्र को बाल आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देकर परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
यह आर्थिक सहायता पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत दी गई है, जिसका उद्देश्य कर्तव्य निभाते हुए शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को कठिन समय में सहारा देना है। प्रधान आरक्षक श्री सर्जन भील की 06 नवंबर 2025 को ब्यावरा सिटी थाने में पदस्थ रहते हुए ड्यूटी के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
एक करोड़ से अधिक की बीमा राशि का भुगतान
राजगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक श्री अमित तोलानी ने स्वयं दिवंगत प्रधान आरक्षक के पिता श्री रामदयाल भील और उनकी पत्नी श्रीमती वर्षा भील को भारतीय स्टेट बैंक, फूलखेड़ी शाखा, राजगढ़ के माध्यम से एक करोड़ तेईस लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने परिवारजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
अनुकंपा नियुक्ति से परिवार को मिली राहत
इस गंभीर आर्थिक सहायता के अतिरिक्त, दिवंगत प्रधान आरक्षक श्री सर्जन भील के पुत्र श्री शरद भील को बाल आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है। इस नियुक्ति से परिवार को न केवल भावनात्मक संबल मिलेगा, बल्कि आर्थिक सुरक्षा का एक स्थायी स्रोत भी सुनिश्चित हुआ है।
पुलिस सैलरी पैकेज: सुरक्षा का व्यापक कवच
मध्य प्रदेश पुलिस अपने सभी कर्मियों के लिए 'पुलिस सैलरी पैकेज' के माध्यम से विभिन्न वित्तीय सुविधाएं प्रदान करती है। इस पैकेज में एक करोड़ रुपये का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड, बीमा कवरेज और परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच जैसी अनेक सुविधाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की स्थिति में पुलिसकर्मी के परिवार को तत्काल और पर्याप्त सहायता मिल सके।
