कर्नल सोफिया टिप्पणी मामला: विजय शाह पर मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं
मध्य प्रदेश सरकार ने कैबिनेट मंत्री विजय शाह के खिलाफ कर्नल सोफिया पर विवादित टिप्पणी के मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 26 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश सरकार ने कैबिनेट मंत्री विजय शाह के खिलाफ सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया। अब, इस मामले से संबंधित फाइल अंतिम मंजूरी के लिए मध्य प्रदेश के राज्यपाल के पास भेजी जाएगी।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के विरुद्ध कथित तौर पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक और कानूनी हलकों में विवाद खड़ा कर दिया। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी पड़ताल पूरी करने के बाद, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(a) के तहत मंत्री के विरुद्ध अभियोजन (मुकदमा चलाने) की अनुमति सरकार से मांगी थी।
SIT की अभियोजन स्वीकृति की मांग अस्वीकृत
SIT द्वारा की गई जांच और उसके निष्कर्षों के आधार पर, मंत्री विजय शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने हेतु सरकार से अभियोजन की स्वीकृति मांगी गई थी। हालांकि, कैबिनेट ने इस स्वीकृति को प्रदान न करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले के बाद, मामले की अगली प्रक्रिया के तहत फाइल अब राज्यपाल के समक्ष विचाराधीन होगी।
सुप्रीम कोर्ट में मामला, 31 अगस्त को अगली सुनवाई
यह विवादित मामला सर्वोच्च न्यायालय तक भी पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं के संबंध में पूर्व में कई बार निर्देश जारी किए हैं। सरकार के इस हालिया कैबिनेट निर्णय के संदर्भ में, इस मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त 2026 को प्रस्तावित है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी होंगी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और भविष्य की राह
राज्य सरकार के इस निर्णय से राजनीतिक हलकों में बहस के तेज होने की प्रबल संभावना है। विपक्ष पहले से ही मंत्री विजय शाह के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करता रहा है। सरकार के कैबिनेट निर्णय के बाद, अब सभी की नजरें राज्यपाल के फैसले और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई पर होंगी, जो इस प्रकरण में आगे की दिशा तय करेंगी। फिलहाल, अभियोजन की स्वीकृति का मामला राज्यपाल के विचाराधीन है, जिसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो पाएगी।
