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करणी सेना भारत ने पवन सिंह राजपूत को मप्र का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया

करणी सेना भारत ने मध्य प्रदेश में संगठनात्मक विस्तार करते हुए पवन सिंह राजपूत को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। उनका एक वर्ष का कार्यकाल...

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•संवाददाता: अंशुल त्रिपाठी
करणी सेना भारत ने पवन सिंह राजपूत को मप्र का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया

Bhopal | संवाददाता: अंशुल त्रिपाठी

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 9 अक्टूबर 2026

करणी सेना भारत ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पवन सिंह राजपूत को मध्य प्रदेश का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने 9 अक्टूबर 2026 को यह नियुक्ति की है, जिसके तहत राजपूत एक वर्ष की अवधि के लिए इस पद पर अपनी सेवाएं देंगे। इस नई जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए, पवन सिंह राजपूत ने कहा कि वे सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे।

अपनी नियुक्ति के पश्चात्, पवन सिंह राजपूत ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए समाजसेवा, जनकल्याण और सामाजिक एकजुटता को सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से गौसेवा और गौसंरक्षण को अपने कार्यों का केंद्र बिंदु बताया। उनका कहना है कि वे निराश्रित गौवंश की देखभाल और गौशालाओं को सहयोग प्रदान करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे, क्योंकि उनके अनुसार गौसेवा केवल आस्था का विषय न होकर मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।

युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देने तथा शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के महत्व को भी नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष ने रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समाज के जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना और सभी समुदायों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देना उनके मुख्य उद्देश्यों में शामिल है। पवन सिंह राजपूत ने वरिष्ठजनों के अनुभव और मार्गदर्शन में संगठन को मध्य प्रदेश स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर जनकल्याणकारी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है, क्योंकि उनका मानना है कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज में वास्तविक और स्थायी बदलाव संभव है। इस नियुक्ति को राजपूत समुदाय और विभिन्न सामाजिक संगठनों के बीच संगठन के विस्तार की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

यह नियुक्ति करणी सेना भारत के अखिल भारतीय विस्तार योजना का एक हिस्सा है, जिसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में संगठन को मजबूत किया जा रहा है। मध्य प्रदेश, एक बड़ा और जनघनत्व वाला राज्य होने के नाते, संगठन के लिए विशेष महत्व रखता है। पवन सिंह राजपूत, जिन्हें संगठन की रीति-नीतियों और सामाजिक मुद्दों की गहरी समझ है, के नेतृत्व में प्रदेश में संगठन की गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। उनकी नियुक्ति से संगठन के सदस्यों में उत्साह का संचार हुआ है और वे नई ऊर्जा के साथ संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तत्पर हैं।

पवन सिंह राजपूत ने अपने बयान में यह भी कहा कि वे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से मिलकर उनकी समस्याओं को समझेंगे और उनका समाधान करने का प्रयास करेंगे। उनका मानना है कि संगठन की असली ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं और उनके सहयोग के बिना किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करना कठिन है। वे प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचकर संगठन का संदेश पहुंचाएंगे और आम जनता को संगठन की गतिविधियों से जोड़ेंगे। यह कदम दर्शाता है कि करणी सेना भारत केवल अपने सदस्यों के बीच ही नहीं, बल्कि समाज के व्यापक वर्ग में भी अपनी पैठ बनाने के लिए प्रयासरत है।

गौसेवा और समाजोत्थान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देखते हुए, यह उम्मीद की जा रही है कि वे इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल करेंगे। प्रदेश में गौवंश की दुर्दशा और लावारिस पशुओं की बढ़ती संख्या एक गंभीर समस्या है, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है। पवन सिंह राजपूत के नेतृत्व में, गौशालाओं के लिए आर्थिक और भौतिक सहायता जुटाने के साथ-साथ, गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाने की संभावना है। यह न केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक कार्य होगा, बल्कि पशु कल्याण और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

युवाओं को सही मार्गदर्शन और शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का उनका संकल्प भी सराहनीय है। आज के दौर में, जहाँ युवा विभिन्न भटकावों का शिकार हो सकते हैं, उन्हें सकारात्मक दिशा दिखाना अत्यंत आवश्यक है। शिक्षा ही वह माध्यम है जो युवाओं को सशक्त बना सकती है और उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए तैयार कर सकती है। पवन सिंह राजपूत का यह प्रयास समाज के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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