करनैलगंज में 'पिंक सम्पूर्ण समाधान दिवस': 112 शिकायतें, 10 का तत्काल निस्तारण
करनैलगंज में 'पिंक सम्पूर्ण समाधान दिवस' में 112 शिकायतें आईं, 10 का मौके पर निस्तारण हुआ। जिलाधिकारी ने युवा शक्ति को प्रशासनिक अनुभव के लिए...

गोण्डा | संवाददाता: बी पी त्रिपाठी
द क्लिफ न्यूज़ | गोण्डा | 17 अक्टूबर 2026
जनसामान्य की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गोण्डा जिले की करनैलगंज तहसील में 'पिंक सम्पूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं को सुनना और उनका तत्काल समाधान करना है। इस विशेष आयोजन में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने स्वयं उपस्थित होकर फरियादियों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। यह आयोजन, जैसा कि शासन द्वारा निर्देशित किया गया है, जनसेवा और सुशासन के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस 'पिंक सम्पूर्ण समाधान दिवस' की एक अनूठी विशेषता मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत एक दिन के लिए कक्षा बारह की छात्रा सृष्टि शुक्ला को सांकेतिक जिलाधिकारी के रूप में नियुक्त करना रहा। छात्रा सृष्टि शुक्ला ने भी पूरी गंभीरता के साथ फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिससे युवा शक्ति की भागीदारी को बढ़ावा मिला और उन्हें प्रशासनिक कार्यों की व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई। यह कदम युवा पीढ़ी को नेतृत्व और जिम्मेदारी के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास था।
समस्याओं का त्वरित निस्तारण और भविष्य की कार्ययोजना
आयोजित जनसुनवाई के दौरान करनैलगंज तहसील में कुल एक सौ बारह प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से दस शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया, जो कि अधिकारियों की तत्परता और समस्या-समाधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शेष एक सौ दो आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शिकायतों के निस्तारण के लिए गठित की जाने वाली टीमों को स्थलीय जांच के दौरान दोनों पक्षों को उपस्थित रखना अनिवार्य होगा, ताकि किसी भी पक्ष को असुविधा न हो और समाधान निष्पक्ष हो।
उन्होंने प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि निस्तारण की प्रक्रिया का पुख्ता सबूत उपलब्ध रहे और भविष्य में किसी भी प्रकार की शंका या विवाद को टाला जा सके। यह तकनीक न केवल पारदर्शिता बढ़ाती है, बल्कि अधिकारियों को भी अपने कार्यों के प्रति अधिक जवाबदेह बनाती है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार करें।
अतिक्रमण और चकमार्ग विवादों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने अवैध अतिक्रमण और चकमार्ग से संबंधित मामलों पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामले, जो जनजीवन को सीधे प्रभावित करते हैं, उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को तत्काल मौके पर जाकर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि अतिक्रमणकारियों पर नकेल कसी जा सके और सार्वजनिक भूमि को मुक्त कराया जा सके। तालाबों की पैमाइश, अवैध कब्जों को हटाने, चकरोडों को अतिक्रमण मुक्त कराने और नालियों से संबंधित विवादों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने पर विशेष बल दिया गया।
जिलाधिकारी ने चेताया कि यदि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी विभागीय अधिकारियों को यह निर्देशित किया गया है कि वे समयबद्ध तरीके से शिकायतों का समाधान करें और उसकी विस्तृत आख्या तहसील में प्रस्तुत करें। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी मामला लंबित न रहे, नियमित समीक्षा बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा। इस प्रकार की त्वरित और निर्णायक कार्रवाई से नागरिकों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ता है।
लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ वितरण
समाधान दिवस के समापन के अवसर पर, विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और आवश्यक सहायता सामग्री वितरित की गई। यह सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आम जन तक उनके लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इस वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास स्वीकृति पत्र, क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित रोगियों के लिए पोषण पोटली, आयुष्मान भारत कार्ड, राशन कार्ड और कृषि विभाग की ओर से बीज की मिनी किट शामिल थीं। ये योजनाएं समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए बनाई गई हैं।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा और सांकेतिक जिलाधिकारी सृष्टि शुक्ला ने संयुक्त रूप से यह सामग्री लाभार्थियों को सौंपी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संतलाल, उपजिलाधिकारी कुमार सत्यम जीत, तहसीलदार, नायब तहसीलदार अतुल पाल, जिला विकास अधिकारी आदित्य तिवारी, उपनिदेशक कृषि संतोष कुमार द्विवेदी, परियोजना निदेशक डीआरडीए सुशील कुमार पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी जीडी जैन सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने इस बात पर पुनः जोर दिया कि जनसमस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे ताकि नागरिकों को सुगम और त्वरित न्याय मिल सके।
