कांग्रेस का दावा: दलित-ओबीसी-अल्पसंख्यक हित भाजपा के राज में सुरक्षित नहीं
मऊगंज में कांग्रेस एससी विभाग की बैठक में भगवती प्रसाद चौधरी ने कहा कि भाजपा दलितों के हित की बात नहीं करती, जबकि कांग्रेस हमेशा से ही समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़ी रही है।

संवाददाता: शशि भूषण दूबे कंचनीय पोलिटिकल एडीटर
द क्लिफ न्यूज़ | रीवा | 6 सितंबर 2026
रीवा के मऊगंज में जिला कांग्रेस एससी डिपार्टमेंट की एक संगठन सृजन संबंधित बैठक आयोजित हुई, जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय क्वार्डिनेटर और मध्य प्रदेश प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस बैठक में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का हित केवल कांग्रेस में ही सुरक्षित है। भगवती प्रसाद चौधरी ने कहा कि भाजपा के अंदरखाने में दलितों की भलाई के लिए कोई गंभीर चर्चा नहीं होती, बल्कि दलित नेताओं को केवल पार्टी के एजेंडे को दलितों तक पहुंचाने का निर्देश दिया जाता है, न कि उनकी समस्याओं पर बात करने का।
जिला कांग्रेस कमेटी मऊगंज के अध्यक्ष हरि लाल आदिवासी की अध्यक्षता में हनुमना स्थित कांग्रेस कार्यालय में संपन्न हुई इस सभा का संचालन जिला कांग्रेस कमेटी एससी डिपार्टमेंट के अध्यक्ष शिव लाल साकेत ने किया। भगवती प्रसाद चौधरी ने दावा किया कि जब से उन्हें मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है, उन्होंने राज्य के सभी जिलों में कांग्रेस एससी डिपार्टमेंट का संगठन सृजित किया है। इसके परिणामस्वरूप, पूरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस एससी डिपार्टमेंट का संगठन हर स्तर पर मजबूत हुआ है और यह 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों में दलितों के वोट से मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सैकड़ों की संख्या में उपस्थित दलित समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि मध्य प्रदेश में 2027 में कांग्रेस सफल होती है, तो 2029 के लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता 'बुलडोजर बाबा' की सरकार से ऊब चुकी है और उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
कांग्रेस की नीतियों पर जोर और भाजपा पर कटाक्ष
बैठक में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के पूर्व राष्ट्रीय सचिव और रीवा जिला कांग्रेस चुनाव अधिकारी (2022) शशि भूषण दूबे कंचनीय ने कहा कि कांग्रेस की यूपीए फर्स्ट सरकार ने 2007-08 में पूरे देश के लिए वनाधिकार अधिनियम कानून बनाया था, जिसके तहत वन भूमि पर कब्जा कर भवन बनाने वाले दलितों और आदिवासियों को बेदखल नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने अफसोस जताया कि इस महत्वपूर्ण कानून के बावजूद इसे अब तक पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सका है, जितनी उम्मीद थी।
हनुमना ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्र ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया है। उन्होंने मऊगंज विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां क्षत्रिय वोट बैंक मात्र दस हजार है, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी को पिछले चुनाव में 64 हजार से अधिक वोट मिले। इससे यह स्पष्ट है कि कांग्रेस हारी नहीं, बल्कि उसे 'हराया गया' है, और जनता 2028 में इसका हिसाब चुकता करेगी।
छात्रों और अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर भी चर्चा
राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष निलेश केसरी बच्चा ने 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की जानकारी दी, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों के भाग लेने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के महासचिव इश्तियाक अंसारी ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस एससी डिपार्टमेंट द्वारा किए गए संगठन सृजन की सराहना की और कहा कि इससे निश्चित रूप से 2028 में दलितों, ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) और अल्पसंख्यक समुदायों का झुकाव कांग्रेस की ओर बढ़ा है, जिससे सरकार बदलना सुनिश्चित है।
विधायक प्रतिनिधि रहे अमृत लाल शुक्ल ने पूर्व विधायक बन्ना द्वारा मऊगंज विधानसभा में बूथ स्तर पर किए गए संगठन सृजन के प्रयासों को रेखांकित किया, जिससे कांग्रेस की स्थिति मजबूत हुई है। मंडल अध्यक्ष दिब्य कांत शुक्ला और सीता शरण विश्वकर्मा ने भी अपने संबोधन में पार्टी की विचारधारा और आगामी चुनावों के लिए तैयारियों पर प्रकाश डाला। बैठक में अनिल सोनी, गणेश साकेत, सुरेन्द्र गुप्ता, महेश यादव, शंकर लाल गुप्ता, बच्चा लाल, बब्लू राम, बसंत लाल कोल, विद्या निवास सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
