कंगना का कांग्रेस पर 'वंदे मातरम्' विवाद को लेकर तीखा हमला, 'देशविरोधी सोच' का आरोप
अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने स्वतंत्रता दिवस पर 'वंदे मातरम्' गायन को लेकर उपजे विवाद के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने पार्टी पर 'देशविरोधी सोच' की ओर बढ़ने का आरोप लगाया।

द क्लिफ न्यूज़ | 18 अगस्त 2026
भारतीय जनता पार्टी की सांसद और जानी-मानी अभिनेत्री कंगना रनौत ने 'वंदे मातरम्' के गायन को लेकर हुए विवाद के संदर्भ में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। रनौत ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी का विरोध करते-करते कांग्रेस अब देशविरोधी सोच की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति से जुड़े प्रतीकों का सम्मान राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होना चाहिए।
यह बयानबाजी स्वतंत्रता दिवस के दौरान 'वंदे मातरम्' के गायन को लेकर उपजे विवाद और संसद में विपक्ष के रुख के संबंध में आई है। कंगना रनौत ने कांग्रेस नेताओं पर राष्ट्र और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े विषयों पर कथित तौर पर नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
'वंदे मातरम्' गायन पर कांग्रेस का कथित असहज रवैया
कंगना रनौत ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में 'वंदे मातरम्' के गायन को लेकर हुए विवाद का हवाला देते हुए कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को 'वंदे मातरम्' से इतनी आपत्ति थी कि वे इसके गायन के दौरान असहज दिखाई दिए और कथित तौर पर कैमरे बंद कराने की कोशिश की गई। रनौत ने इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस की राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रति कथित दूरी से जोड़ते हुए सवाल उठाया।
उनका मानना था कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन राष्ट्रीय गीत और देश की भावनाओं से जुड़े विषयों को राजनीतिक विवाद का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। कंगना रनौत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पाकिस्तान से तुलना का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को 'वंदे मातरम्' जैसे राष्ट्रीय भावना से जुड़े गीत से आपत्ति होने से उनकी सोच पर सवाल खड़े होते हैं।
कांग्रेस का खंडन और 'संचार मुद्दा' का तर्क
दूसरी ओर, कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है कि पार्टी ने 'वंदे मातरम्' का अपमान किया है। कांग्रेस का कहना है कि सोनिया गांधी के कार्यों का राष्ट्रीय गीत के साथ कोई लेना-देना नहीं था, बल्कि यह एक संचार मुद्दा था। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस विवाद पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह 'वंदे मातरम्' का सम्मान करते हैं, लेकिन अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण इसे गाएंगे नहीं।
संसद की कार्यवाही पर भी उठा सवाल
कंगना रनौत ने संसद की कार्यवाही को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद सत्र के दौरान विपक्षी दलों द्वारा लगातार हंगामा किए जाने से महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा प्रभावित होती है। उनके अनुसार, जनता अपने प्रतिनिधियों से अपेक्षा करती है कि वे सदन में जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा करें और अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
भाजपा सांसद ने विपक्षी नेताओं पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और सरकार के कामकाज में रुकावट पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे संसद की कार्यवाही और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा प्रभावित न हो।
राष्ट्रवाद और विचारधारा का टकराव
कंगना रनौत पहले भी कांग्रेस और विपक्षी दलों के खिलाफ मुखर राजनीतिक बयान देती रही हैं। वे अक्सर राष्ट्रवाद, सनातन परंपरा, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक विचारधारा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देती हैं, जिनके कारण उनके बयान कई बार राजनीतिक विवाद का विषय बनते रहे हैं। ताजा विवाद में भी उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा का विरोध लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन राष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर किसी भी दल का दृष्टिकोण जिम्मेदार होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध की सीमा कई बार राष्ट्रीय हित से जुड़े विषयों तक पहुंच जाती है।
फिलहाल 'वंदे मातरम्' को लेकर उठे विवाद ने राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और राजनीतिक दलों की भूमिका पर नई बहस छेड़ दी है। कंगना रनौत के बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। वहीं, संसद में विपक्ष की भूमिका और सदन की कार्यवाही को लेकर भी सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच मतभेद जारी रहने के संकेत हैं। 'वंदे मातरम्' भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत से गहरा जुड़ा हुआ है, और इसके इर्द-गिर्द होने वाली राजनीतिक बहसें अक्सर भावनात्मक और वैचारिक टकराव का रूप ले लेती हैं।
