कमालगंज में बिना लाइसेंस पशु कटान का आरोप, एडीजी से जांच की मांग
फर्रुखाबाद के कमालगंज थाना क्षेत्र के शेखपुर रुस्तमपुर गांव में कथित तौर पर तीन वर्षों से बिना लाइसेंस पशु कटान का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने एडीजी से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 21 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में कमालगंज थाना क्षेत्र के शेखपुर रुस्तमपुर गांव में कथित तौर पर बिना लाइसेंस पशुओं के कटान का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में स्थानीय निवासी धर्मेंद्र कुमार ने कानपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) को एक विस्तृत शिकायती पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि शेखपुर रुस्तमपुर गांव में पिछले लगभग तीन वर्षों से अवैध तरीके से पशुओं का कटान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि इस संबंध में उन्होंने सबसे पहले 29 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अतिरिक्त, 25 जुलाई को संबंधित अधिकारियों से भी शिकायत की गई थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, 6 अगस्त को उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी इस मामले से अवगत कराया था।
स्थानीय पुलिस पर लगे जांच में मनमानी के आरोप
धर्मेंद्र कुमार ने अपनी शिकायत में स्थानीय पुलिस पर प्रभावी कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया है। विशेष रूप से, उन्होंने दरोगा संदीप कुमार गौतम पर आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) शिकायत में कथित तौर पर मनमानी रिपोर्ट लगाए जाने का आरोप लगाते हुए उनकी भूमिका की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, आईजीआरएस संदर्भ संख्या 9265900035547 पर दर्ज शिकायत के संबंध में 3 अगस्त 2026 को दरोगा संदीप कुमार गौतम द्वारा एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी।
धर्मेंद्र कुमार का दावा है कि इस रिपोर्ट में प्रस्तुत किए गए तथ्य वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि रिपोर्ट के साथ संलग्न की गई तस्वीर 10 जुलाई 2026 की है और यह कथित घटनास्थल की न होकर किसी अन्य स्थान की है। यह आरोप दर्शाता है कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव हो सकता है।
एडीजी से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की अपील
शिकायतकर्ता ने एडीजी से पूरे प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। वे चाहते हैं कि दरोगा संदीप कुमार गौतम की भूमिका की भी विधिवत जांच हो। यदि क्षेत्र में वास्तव में बिना लाइसेंस पशु कटान हो रहा है, तो उन्होंने मांग की है कि इस पर नियमानुसार कार्रवाई कर प्रभावी रूप से रोक लगाई जाए।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस अथवा संबंधित सरकारी विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि केवल जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो पाएगी। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं और अब एडीजी स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी होंगी।
