कलेक्ट्रेट में हंगामे के बाद भाकियू जिलाध्यक्ष समेत छह गिरफ्तार, बाद में रिहा
फर्रुखाबाद में कलेक्ट्रेट में जबरन घुसकर प्रदर्शन और होमगार्ड से अभद्रता के आरोप में भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार सहित छह लोगों को गिरफ्तार...

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 23 जुलाई 2026
फर्रुखाबाद के कलेक्ट्रेट परिसर में घुसकर हंगामा करने और ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के साथ अभद्रता करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को चिकित्सीय परीक्षण के बाद मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।
यह घटना तब हुई जब भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार के नेतृत्व में पार्टी के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में जबरन घुस गए और प्रदर्शन करने लगे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड शिवपूजन के साथ अभद्रता की और सरकारी कामकाज में व्यवधान डाला। होमगार्ड शिवपूजन की तहरीर पर भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार सहित सात नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, अभद्रता, मारपीट और अन्य धाराओं में कोतवाली फतेहगढ़ में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
छह आरोपी गिरफ्तार, मेडिकल के बाद रिहाई
पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए मिशन कंपाउंड फतेहगढ़ निवासी जिलाध्यक्ष अजय कटियार, सलेमपुर बरतल (नवाबगंज) निवासी अरविन्द शाक्य, नगला फुलू (कम्पिल) निवासी अभय प्रताप, नगला जैतपुर (जहानगंज) निवासी शिवराम, आकलगंज (मऊदरवाजा) निवासी बाबूराम उर्फ अनुज राजपूत और भटसा (कायमगंज) निवासी ब्रजेश कुमार को हिरासत में लिया। इन सभी का डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। अस्पताल परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और यह पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया।
डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी द्वारा चिकित्सीय परीक्षण किए जाने के बाद, पुलिस ने सभी आरोपितों को निजी मुचलके पर कोतवाली फतेहगढ़ से रिहा कर दिया। कोतवाल फतेहगढ़ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सभी आरोपियों को छोड़ दिया गया है।
भाकियू जिलाध्यक्ष का आरोप, किसानों को डराने की कोशिश
इस गिरफ्तारी और रिहाई पर भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसानों पर गलत तरीके से मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बंदूकों के बल पर किसानों को डराना चाहती है और उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
