कलेक्टर के निर्देश पर नपा ने नाली पर से हटाया अतिक्रमण
नर्मदापुरम में कलेक्टर के आदेश पर नगरपालिका की टीम ने वार्ड 30 में नाली पर हुए अतिक्रमण को हटाया। दो पक्षों के विवाद का भी निरीक्षण किया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | 5 अगस्त 2026
कलेक्टर के कड़े निर्देशों के बाद नर्मदापुरम में आज नगरपालिका की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक नाली पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद का भी मौके पर मुआयना किया गया।
स्वच्छता नोडल अधिकारी अनुराग तिवारी ने बताया कि यह कार्रवाई जनसुनवाई में प्राप्त एक शिकायत के निराकरण के क्रम में की गई। शिकायतकर्ता ने वार्ड क्रमांक 30 में नाली पर किए गए अवैध कब्जे की ओर ध्यान आकर्षित किया था, जिसके बाद नगरपालिका हरकत में आई। इस शिकायत के बाद, अधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई, ताकि आम नागरिकों को जलभराव और अन्य संबंधित समस्याओं से बचाया जा सके।
कलेक्टर के निर्देश, जो कि सार्वजनिक शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान पर जोर देते हैं, ने नगरपालिका को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया। यह दर्शाता है कि स्थानीय प्रशासन आम जनता की समस्याओं के प्रति कितना गंभीर है और समाधान के लिए तत्पर है।
नाली पर अतिक्रमण पर चला बुल्डोजर
नगरपालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर नाली को अवरुद्ध कर रहे अतिक्रमण को हटाया। इस कार्रवाई ने स्थानीय प्रशासन की सक्रियता को दर्शाया। यह अतिक्रमण न केवल जल निकासी में बाधा डाल रहा था, बल्कि गंदगी और बीमारियों के पनपने का एक प्रमुख कारण भी बन रहा था। नगरपालिका के अमले ने पूरी निष्ठा और परिश्रम से इस बाधा को दूर किया, जिससे स्थानीय निवासियों को राहत मिली।
कार्रवाई के दौरान मुख्य नगरपालिका अधिकारी वैभव देशमुख, तहसीलदार सुनील शर्मा और आरआई गजेंद्र जाट भी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्रवाई की गंभीरता और निष्ठा को और बढ़ाया। यह कदम शहर के जल निकासी तंत्र को सुचारू बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास था। नाली के साफ होने से बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या कम होने की उम्मीद है, जो क्षेत्र के निवासियों के लिए बड़ी राहत की बात है।
यह अतिक्रमण काफी समय से बना हुआ था, और स्थानीय लोगों द्वारा इसकी लगातार शिकायत की जा रही थी। जनसुनवाई के माध्यम से यह मामला एक बार फिर से प्रशासन के ध्यान में लाया गया, जिसके उपरांत यह ठोस कार्रवाई संभव हुई।
भूमि विवाद का निस्तारण
श्री तिवारी ने आगे बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ-साथ, नगरपालिका की टीम ने दो पक्षों के बीच संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद को भी देखा। दोनों पक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर नगरपालिका कार्यालय में उपस्थित हों, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित समाधान निकाला जा सके। इस निरीक्षण का उद्देश्य विवाद के मूल कारणों को समझना और सौहार्दपूर्ण समाधान खोजना था।
यह देखा गया कि विवादित भूमि का एक हिस्सा नाली के किनारे स्थित था, जिसके कारण अतिक्रमण की समस्या उत्पन्न हुई थी। दोनों पक्षों के दावों को सुनने और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही किसी निष्पक्ष निर्णय पर पहुंचा जा सकता है। नगरपालिका इस मामले को सुलझाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे विवादों को रोका जा सके।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोनों पक्षों को न्याय मिले और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो। संबंधित अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा और निर्णय साक्ष्य-आधारित होगा। नगरपालिका कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश इसी निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है।
