कैलारस शक्कर कारखाने के लिए आमरण अनशन पर विधायक, स्वास्थ्य बिगड़ा
कैलारस शक्कर कारखाने को बचाने के लिए विधायक पंकज उपाध्याय का आमरण अनशन छठवें दिन भी जारी है। बिगड़ते स्वास्थ्य के बावजूद वे अडिग हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी कल अनशन स्थल पर पहुंचेंगे।

द क्लिफ न्यूज़ | मुरैना | 20 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में कैलारस शक्कर कारखाने को पुनः चालू करने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय का आमरण अनशन आज छठवें दिन भी जारी है। लगातार अनशन के कारण विधायक उपाध्याय के स्वास्थ्य में गंभीर गिरावट आई है। चिकित्सकों द्वारा की गई स्वास्थ्य जांच में उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल सामान्य से काफी कम पाया गया है, साथ ही उनके वजन में लगभग 4 किलोग्राम की कमी दर्ज की गई है।
विधायक के स्वास्थ्य की यह स्थिति उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि, श्री उपाध्याय अपनी मांगों पर अडिग हैं और कारखाने को बचाने के अपने संकल्प को पूरा करने के लिए अनशन जारी रखे हुए हैं। इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी कल, 21 अगस्त को अनशन स्थल पर पहुंचकर विधायक उपाध्याय से मुलाकात करेंगे और आंदोलन को अपना समर्थन व्यक्त करेंगे।
बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच शासन-प्रशासन से समाधान की अपेक्षा
आमजन में यह उम्मीद जगी है कि लगातार बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच अब शासन और प्रशासन कैलारस शक्कर कारखाने से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से संज्ञान लेगा। यह अपेक्षा की जा रही है कि वे इस मामले में सकारात्मक पहल करते हुए शीघ्र समाधान निकालेंगे, ताकि विधायक पंकज उपाध्याय के स्वास्थ्य को और अधिक नुकसान न पहुंचे और आंदोलन का पटाक्षेप हो सके। आज भी जिले भर से हजारों की संख्या में किसानों, युवाओं और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अनशन स्थल पर पहुंचकर विधायक उपाध्याय का समर्थन किया।
विधायक की अपील: आंदोलन गांधीवादी, मर्यादित भाषा का प्रयोग करें
इस बीच, आमरण अनशन पर बैठे विधायक पंकज उपाध्याय ने एक महत्वपूर्ण अपील जारी की है। उन्होंने कहा कि यह खेद का विषय है कि कुछ लोग सत्ता पक्ष के नेताओं के लिए अभद्र या जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। विधायक उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि ऐसे तत्व उनके हितैषी नहीं हैं और उनका आंदोलन पूर्णतः गांधीवादी सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि किसी की भावनाओं को आहत करने वाली अभद्र या जातिगत टिप्पणी करना उनके आंदोलन का उद्देश्य कभी नहीं रहा। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। उन्होंने सहयोगियों से अपील की कि वे यदि समर्थन करना चाहते हैं तो मर्यादित भाषा का प्रयोग करें।
कारखाना बंद होने से क्षेत्र की समृद्धि पर आघात: बैजनाथ कुशवाह
सबलगढ़ के विधायक बैजनाथ कुशवाह ने कारखाने के बंद होने से क्षेत्र पर पड़े नकारात्मक प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब कारखाना संचालित होता था, तब पूरा मुरैना जिला खुशहाली से गुलजार रहता था और आर्थिक समृद्धि अपने चरम पर थी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि 'इन कसाइयों' ने कारखाने को बंद करके जिले को बर्बाद कर दिया। श्री कुशवाह ने विधायक पंकज उपाध्याय के संघर्ष को सलाम किया, जिन्होंने कारखाने को पुनः चालू कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने तक का संकल्प लिया है। उन्होंने सबलगढ़ क्षेत्र की जनता से 22 अगस्त को पूर्णतः बंद रखने की अपील की।
MSME ट्रांसफर पर उठाए सवाल, सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच की मांग
गन्ना उत्पादक प्रोत्साहन समिति के संयोजक एल.एन. त्यागी ने आरोप लगाया कि सरकार ने झूठी रिपोर्टों के आधार पर कारखाने को MSME को हस्तांतरित कर दिया है, यह दर्शाने के लिए कि किसान गन्ना उगाना नहीं चाहते। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है, तो किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से क्षेत्र का भ्रमण करवाकर 2-3 दिन में जांच कराएं, जिससे सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। श्री त्यागी ने जोर देकर कहा कि कारखाना चालू होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन रुकेगा।
किसानों से सहयोग की अपील: बाजार से दूरी बनाए रखने का आह्वान
राष्ट्रीय किसान सभा के मध्य प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने मुरैना जिले के सभी 775 आबाद गांवों के लोगों से एक बड़ी अपील की है। उन्होंने आह्वान किया है कि आगामी दिनों में बाजार में किसी भी वस्तु को न बेचा जाए और न ही कोई चीज खरीदी जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गांवों में सभाएं और प्रदर्शन आयोजित कर इस आंदोलन के प्रति समर्थन और सहयोग जताने का आग्रह किया है।
एकता परिषद का समर्थन, 'चंबल का लाल' बताया
एकता परिषद के प्रदेश संयोजक डोंगर शर्मा ने एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक पी.वी. राजगोपाल के एक बयान का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राजगोपाल जी ने विधायक उपाध्याय के आंदोलन को '1972 के बाद चंबल में पहली बार कोई ऐसा लाल' बताया है जो गांधीवादी मूल्यों के लिए लड़ रहा है, और उन्होंने विधायक के इस जज्बे को सलाम किया है। शर्मा जी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन विशुद्ध रूप से किसानों के हितों के लिए है और इसमें विधायक का कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं है। उनके अनुसार, शक्कर कारखाना पुनः चालू होने से पूरे क्षेत्र में समृद्धि का संचार होगा।
