कचरा पृथक्करण और सिंगल यूज प्लास्टिक पर जागरूकता अभियान
शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए नगरपालिका ने विभिन्न वार्डों और स्कूलों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित कीं। नागरिकों और विद्यार्थियों को कचरा अलग करने के तरीके बताए गए।

द क्लिफ न्यूज़ | 26 अगस्त 2026
शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगरपालिका की एकीकृत जनसंपर्क (आईईसी) टीम ने सोमवार को विभिन्न वार्डों और शैक्षणिक संस्थानों में महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के तहत नागरिकों और विद्यार्थियों को कचरा पृथक्करण, सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्परिणामों और पौधारोपण के महत्व से अवगत कराया गया।
नगरपालिका अध्यक्ष ज्योति सुरेंद्र चौरसिया और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) माधुरी शर्मा के निर्देशों तथा स्वच्छता नोडल अधिकारी नीतेश चौरसिया के मार्गदर्शन में यह गतिविधियां संचालित हुईं। वार्ड क्रमांक 34 के साकेत नगर कॉलोनी में नागरिकों के लिए एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें चार-बिन कचरा पृथक्करण प्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया गया। नागरिकों को गीले, सूखे, घरेलू हानिकारक और अन्य प्रकार के कचरे को अलग-अलग डिब्बे में रखने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
स्कूलों में पर्यावरण शिक्षा का प्रसार
इसी क्रम में, वार्ड क्रमांक 35 स्थित श्री जवाहर इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं को कचरे के सही पृथक्करण और उसके उचित निपटान की विस्तृत जानकारी दी गई। इन सत्रों का उद्देश्य युवा पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि किस प्रकार वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलावों से पर्यावरण की रक्षा में योगदान दे सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, एंजिल पब्लिक हाई स्कूल, सागर रोड पर 'अमृत हरित अभियान' के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए न केवल पौधे लगाए, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। जिला अस्पताल के सामने सड़क के डिवाइडर पर भी पौधारोपण किया गया, जिसका उद्देश्य शहर में हरियाली को बढ़ाना और नागरिकों को प्रकृति से जोड़ने का संदेश देना था।
होम कम्पोस्टिंग और जन-सहभागिता पर जोर
वार्ड क्रमांक 34 की सनसिटी कॉलोनी में होम कम्पोस्टिंग की गतिविधि के माध्यम से लोगों को घर से निकलने वाले गीले कचरे को खाद में बदलने की विधि सिखाई गई। इस तकनीक से न केवल कचरा कम होता है, बल्कि उपयोगी खाद भी प्राप्त होती है। आईईसी टीम ने सभी नागरिकों से स्वच्छता व्यवस्था में सक्रिय सहयोग करने, कचरे को घर से ही अलग-अलग करने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की।
