ज्योतिष के क्षेत्र में पंडित कृपाराम उपाध्याय को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
मेरठ में आयोजित ज्योतिष महासमागम में भोपाल के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित कृपाराम उपाध्याय को उनके जीवनपर्यंत योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | मेरठ | 7 सितंबर 2026
मेरठ के आई.आई.एम.टी. विश्वविद्यालय में आयोजित 'ज्योतिष महासमागम - ए सेलिब्रेशन ऑफ द इटरनल विजडम ऑफ ज्योतिष शास्त्र' में प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित कृपाराम उपाध्याय को ज्योतिष शास्त्र और भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और आजीवन योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड' से नवाजा गया।
यह सम्मान भोपाल के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित उपाध्याय को जैन आचार्य 108 श्री सौरभ सागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में प्रदान किया गया। प्रशस्ति पत्र में उनके दशकों के शास्त्रीय साधना, शिक्षण, शोध, व्याख्यान और जन-जागरूकता के माध्यम से भारतीय ज्योतिष परंपरा की बौद्धिक विरासत को संरक्षित और समृद्ध करने में दिए गए अविस्मरणीय योगदान की सराहना की गई।
ज्योतिष विभाग का विशेष आयोजन
यह 'ज्योतिष महासमागम' आई.आई.एम.टी. विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग, भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) सेल और स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड ह्यूमैनिटीज द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इस आयोजन का उद्देश्य ज्योतिष शास्त्र के शाश्वत ज्ञान का उत्सव मनाना था, साथ ही यह ज्योतिष के क्षेत्र में हो रहे आधुनिक विकास और पारंपरिक ज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करने का एक मंच भी बना। इस प्रकार के आयोजन भारतीय ज्ञान प्रणालियों को पुनर्जीवित करने और उन्हें आधुनिक समाज के लिए प्रासंगिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
पंडित कृपाराम उपाध्याय का योगदान
पंडित कृपाराम उपाध्याय ने अपने लंबे और समर्पित करियर में ज्योतिष शास्त्र को गहराई से अध्ययन किया और उसे आम लोगों तक पहुँचाने का अथक प्रयास किया। उन्होंने न केवल ज्योतिष के गूढ़ सिद्धांतों पर प्रकाश डाला, बल्कि आधुनिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए ज्योतिषीय समाधान भी प्रस्तुत किए। उनके शोध कार्य ने ज्योतिष के वैज्ञानिक आधार को समझने में मदद की है, जबकि उनके व्याख्यानों और लेखन ने हजारों लोगों को ज्योतिष के प्रति जागरूक किया है। यह लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड उनके इसी अविरल समर्पण और ज्योतिष शास्त्र के प्रति उनकी अमूल्य सेवाओं का प्रतीक है।
भारतीय ज्ञान प्रणाली को बढ़ावा
भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) सेल की स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं, जिनमें ज्योतिष भी शामिल है, को अनुसंधान, शिक्षा और प्रचार के माध्यम से बढ़ावा देना है। आई.आई.एम.टी. विश्वविद्यालय का यह आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी। इस महासमागम ने ज्योतिष विद्वानों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों को एक साथ लाकर ज्ञान के आदान-प्रदान और नई पीढ़ियों को भारतीय ज्ञान परंपराओं से जोड़ने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया। इस तरह के आयोजनों से न केवल पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण होता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित होता है कि यह ज्ञान भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी प्रासंगिक बना रहे।
सम्मानित करने वालों में प्रमुख हस्तियां
कार्यक्रम में आई.आई.एम.टी. विश्वविद्यालय के चांसलर श्री योगेश मोहनजी गुप्ता, वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) दीपा शर्मा, रजिस्ट्रार श्री वी.पी. प्रकाश, और ज्योतिष विभाग (IKS) की निदेशक श्रीमती आशा त्यागी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इनके अलावा डॉ. एच.एस. रावत (दिल्ली), श्री लक्ष्मण पंथी (नेपाल), पं. राजेश शर्मा (दिल्ली), और श्री डी.के. जैन (दिल्ली) भी इस अवसर पर मौजूद रहे। इन सभी हस्तियों ने पंडित उपाध्याय के कार्यों की सराहना की और ज्योतिष शास्त्र के महत्व पर प्रकाश डाला। इस समारोह ने विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर ज्योतिष के भविष्य पर सार्थक चर्चा को भी प्रेरित किया।
