JPSC-JSSC विवाद: 24 जिलों में पुतला दहन, 20 को CM आवास घेराव की चेतावनी
झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज। 16 अगस्त को 24 जिलों में पुतला दहन और 20 अगस्त को रांची में CM आवास घेराव की चेतावनी।

द क्लिफ न्यूज़ | रांची | 15 अगस्त 2026
झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोपों को लेकर छात्र आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है। आंदोलनरत छात्र संगठनों और जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की है। इसके तहत, 16 अगस्त, रविवार को राज्य के सभी 24 जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले फूंके जाएंगे।
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL और JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षाओं को तत्काल रद्द करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, वे इन परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से गहन जांच कराने की मांग कर रहे हैं। छात्र संगठनों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता का अभाव रहा है, जिसका सीधा असर लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। उनकी मांग है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।
परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग
छात्रों का कहना है कि वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद भी यदि परीक्षा प्रक्रिया में खामियां रहती हैं, तो यह अभ्यर्थियों के साथ घोर अन्याय है। उन्होंने सरकार से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। छात्र नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है और ठोस कदम नहीं उठाती है, तो वे मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाएंगे।
आंदोलन को पूरे राज्य में फैलाने के उद्देश्य से, 16 अगस्त को प्रस्तावित पुतला दहन कार्यक्रम को राज्यव्यापी बनाया गया है। झारखंड के सभी 24 जिला मुख्यालयों पर एक साथ यह प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य सरकार तक अपनी आवाज को मजबूती से पहुंचाना है। छात्र संगठनों ने बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और समर्थकों से इस प्रदर्शन में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।
18 अगस्त तक अल्टीमेटम, 20 को घेराव की चेतावनी
आंदोलनरत छात्रों ने राज्य सरकार को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस निर्धारित समय सीमा के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस और संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक और तीव्र किया जाएगा। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, छात्रों ने 20 अगस्त को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की घोषणा की है। इसे आंदोलन के अगले और महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है, जिसके माध्यम से वे सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर पिछले कुछ समय से छात्रों के असंतोष और प्रदर्शनों का दौर जारी है। वर्तमान छात्र आंदोलन इस असंतोष का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सरकार और संबंधित आयोगों के लिए यह आवश्यक है कि वे छात्रों की चिंताओं को समझें और उनकी मांगों का उचित समाधान निकालें, ताकि लाखों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
सरकार द्वारा इस मामले में उठाए जाने वाले कदम और आंदोलनकारी छात्रों के साथ होने वाली वार्ता, आने वाले दिनों में झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकती है। यदि सरकार छात्रों की मांगों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं करती है, तो यह आंदोलन और अधिक गहरा सकता है, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।
