जिम्बाब्वे को 90 रन से रौंदकर भारत ने टी20 सीरीज जीती
हरारे में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे को 90 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है।

द क्लिफ न्यूज़ | हरारे | 26 जुलाई 2026
भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में अपना दबदबा कायम रखते हुए दूसरे मुकाबले में मेजबान टीम को 90 रनों से करारी शिकस्त दी है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 219 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 17.5 ओवर में केवल 129 रन पर ऑलआउट हो गई। इस बड़ी जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बनाते हुए सीरीज अपने नाम कर ली है।
पहले टी20 में 7 विकेट की शानदार जीत से मिले आत्मविश्वास को भुनाते हुए भारतीय टीम ने दूसरे मुकाबले में भी आक्रामक शुरुआत की। सलामी बल्लेबाजों ने तेज गति से रन बटोरे और पावरप्ले का पूरा लाभ उठाया। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने भी बड़े शॉट जड़कर रनगति को लगातार ऊंचा बनाए रखा, जिसके परिणामस्वरूप भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 219 रनों का एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जो जिम्बाब्वे के लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ।
लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे का पतन
220 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करते हुए शुरुआती झटके दिए। इसके बाद स्पिन गेंदबाजों ने भी दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाते रहे। जिम्बाब्वे का कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने टिककर एक बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहा। पूरी टीम 17.5 ओवर में 129 रन बनाकर सिमट गई, जिससे भारत ने यह मुकाबला 90 रन के बड़े अंतर से जीत लिया।
सीरीज का पहला मैच और युवा प्रतिभाओं का प्रदर्शन
इस दूसरे टी20 मैच से पहले, भारतीय टीम ने सीरीज के पहले मुकाबले में भी शानदार प्रदर्शन किया था। कप्तान श्रेयस अय्यर के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी के फैसले को गेंदबाजों ने सही साबित किया था। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने लंबे समय बाद वापसी करते हुए अपनी पहली ही गेंद पर विकेट हासिल किया और अपने चार ओवरों में केवल 18 रन देकर दो विकेट झटके। प्रिंस यादव ने भी दो विकेट अपने नाम किए, जबकि शिवम दुबे और रवि बिश्नोई को एक-एक सफलता मिली। जिम्बाब्वे उस मुकाबले में केवल 125 रन ही बना सका था।
पहले मैच में 126 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय पारी को धमाकेदार शुरुआत दी थी। इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन असफल पारियों के बाद, उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मात्र 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। 19 गेंदों पर खेली गई उनकी विस्फोटक 50 रनों की पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल थे। इसके साथ ही, वैभव सूर्यवंशी टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। ईशान किशन ने 35 रनों का योगदान दिया, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा ने नाबाद रहते हुए भारत को 13.2 ओवर में सात विकेट से जीत दिलाई थी।
आत्मविश्वास की वापसी और भविष्य के संकेत
यह जीत भारतीय टीम के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही क्योंकि टीम को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगभग चार महीने बाद कोई जीत मिली थी। इससे पहले, टीम ने अपना आखिरी टी20 मुकाबला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में जीता था। लगातार छह हार के बाद मिली यह जीत खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बहाल करने वाली साबित हुई, और टीम ने उसी लय को दूसरे मुकाबले में भी बनाए रखा।
दूसरे टी20 में मिली 90 रनों की बड़ी जीत ने एक बार फिर भारतीय टीम की बल्लेबाजी की गहराई और गेंदबाजी की मजबूती को दर्शाया है। युवा खिलाड़ियों ने मिले अवसरों का भरपूर फायदा उठाया, वहीं गेंदबाजों ने दोनों मुकाबलों में अनुशासित प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को पूरी तरह दबाव में रखा।
अंतिम मैच की औपचारिकता और क्लीन स्वीप का लक्ष्य
अब सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला मात्र औपचारिकता बनकर रह गया है। भारतीय टीम क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगी, जबकि जिम्बाब्वे अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा। भारतीय टीम का मौजूदा प्रदर्शन यह संकेत देता है कि युवा खिलाड़ियों के इस संयोजन ने भविष्य के लिए एक मजबूत दावेदारी पेश की है, और टीम प्रबंधन को आगामी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना करने से पहले कई सकारात्मक संकेत मिले हैं।
