जिलाधिकारी ने मछली और मधुमक्खी पालन से कृषक आय बढ़ाने पर दिया जोर
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति की बैठक में कृषकों की आय बढ़ाने के लिए मछली पालन और मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 10 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण एवं जिला मिशन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कृषकों की आय को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बढ़ाना था, जिसमें मछली पालन और मधुमक्खी पालन जैसे वैकल्पिक आय स्रोतों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण श्री कपिल कुमार, उप कृषि निदेशक/भूमि संरक्षण अधिकारी श्री अरविंद मोहन मिश्र, जिला उद्यान अधिकारी श्री राघवेंद्र सिंह, सहायक निदेशक (मत्स्य), मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, अपर जिला कृषि अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी और नामित कृषक शामिल हुए।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजनाओं का अनुमोदन
समिति ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी। इसमें 11 खेत तालाबों के लाभार्थियों का अनुमोदन शामिल है। रेनफेड एरिया डेवलपमेंट योजना के तहत, 2 क्लस्टर में 156 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक कृषक को विभिन्न मदों के तहत 30,000.00 रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत 483.50 हेक्टेयर भूमि और 109.74 लाख रुपये की राशि का अनुमोदन किया गया। राजकीय कृषि विकास योजना के तहत राजकीय कृषि प्रक्षेत्रों के सुधार के लिए प्रस्तुत कार्यों और वी.बी.जी. रामजी योजना के अंतर्गत 434.33 हेक्टेयर की 6 परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
कृषक आय वृद्धि हेतु वैकल्पिक उपायों पर बल
जिलाधिकारी महोदया ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि कृषकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से खेत तालाबों के माध्यम से मछली पालन को बढ़ावा देने पर बल दिया, ताकि कृषक अपनी आय का एक अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकें।
इसके साथ ही, रेनफेड एरिया डेवलपमेंट योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन और वर्मी कम्पोस्ट (केंचुआ खाद) उत्पादन को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए। इन गतिविधियों से न केवल कृषकों की आय बढ़ेगी, बल्कि मृदा स्वास्थ्य में भी सुधार होगा और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलेगा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए सक्रियता से कार्य करने को कहा।
