जीआरपी इंदौर को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से सम्मान, 16 स्टेशनों पर बनी मानव श्रृंखला
मध्यप्रदेश पुलिस के 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत इंदौर जीआरपी ने 16 रेलवे स्टेशनों पर 4013 लोगों की मानव श्रृंखला बनाई। इस उपलब्धि को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने मान्यता दी है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 4 अगस्त 2026
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित जन-जागरूकता अभियान 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' ने एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), रेल इकाई इंदौर द्वारा 16 रेलवे स्टेशनों पर एक साथ 4,013 नागरिकों की मानव श्रृंखला बनाकर नशामुक्ति का संदेश देने के इस ऐतिहासिक कार्य को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन (यूनाइटेड किंगडम) ने सम्मानित किया है। यह सम्मान मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा जनसहभागिता के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु किए जा रहे प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान का प्रतीक है।
यह मानव श्रृंखला 21 जुलाई 2026 को इंदौर जीआरपी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 16 रेलवे स्टेशनों पर एक साथ आयोजित की गई थी। इन स्टेशनों में इंदौर, उज्जैन, रतलाम, नागदा, नीमच, मेघनगर, शामगढ़, ब्यावरा, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, शाजापुर, मक्सी, देवास, डॉ. अम्बेडकर नगर और चंद्रावतीगंज शामिल हैं। इस आयोजन में स्कूली छात्र-छात्राओं, रेल यात्रियों, कुलियों, रेलवे वेंडरों, सफाई कर्मियों, ऑटो रिक्शा चालकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
नशामुक्ति का संदेश और जनसहभागिता
मानव श्रृंखला बनाने के दौरान प्रतिभागियों ने 'नशे से दूरी है ज़रूरी', 'नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो' और 'स्वस्थ युवा, सशक्त भारत' जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से आम जनता को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। इस पहल का उद्देश्य समाज में नशे के खिलाफ एक मजबूत जन-जागरूकता पैदा करना और लोगों को इसके सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।
अंतरराष्ट्रीय मान्यता और अन्य उपलब्धियां
यह पहली बार नहीं है जब मध्यप्रदेश पुलिस के 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इससे पहले भी इंदौर (दो उपलब्धियाँ), बड़वानी, बुरहानपुर और बालाघाट द्वारा आयोजित ऐसे ही जन-जागरूकता कार्यक्रमों को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता मिल चुकी है। जीआरपी इंदौर को प्राप्त यह नवीनतम सम्मान, प्रदेश में नशामुक्त समाज के निर्माण के प्रति मध्यप्रदेश पुलिस के अभिनव प्रयासों और प्रदेशवासियों की व्यापक सहभागिता का एक और वैश्विक प्रमाण है।
मध्यप्रदेश पुलिस भविष्य में भी जनसुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए ऐसे ही नवीन और प्रभावी अभियानों को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
