झारखंड: JPSC, CGL पेपर लीक पर BJP की हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग
भाजपा ने झारखंड की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के मामलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक इस्तीफे की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | 27 जुलाई 2026
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड की राज्य सरकार पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। पार्टी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। भाजपा का आरोप है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा और उत्पाद सिपाही भर्ती जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।
भाजपा नेताओं के अनुसार, जिस प्रकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अपने पद से हाल ही में इस्तीफा दिया है, उसी तर्ज पर झारखंड के मुख्यमंत्री को भी राज्य में हुई इन परीक्षाओं की विफलता की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। पार्टी का दावा है कि इन गड़बड़ियों के कारण योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ है और परीक्षा प्रणाली पर से छात्रों का विश्वास उठा है। भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार इन परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने में पूरी तरह विफल रही है।
परीक्षाओं में धांधली का आरोप
भाजपा ने विशेष रूप से JPSC, CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं का उल्लेख किया है। पार्टी का कहना है कि ये लीक केवल संयोग नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित गड़बड़ी का परिणाम हैं। इन परीक्षाओं में प्रदेश के हजारों युवा शामिल होते हैं, और पेपर लीक की घटनाओं से उन्हें भारी निराशा और हताशा का सामना करना पड़ता है। भाजपा का आरोप है कि इन परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने में राज्य सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है, जिससे मुख्यमंत्री का पद पर बने रहना नैतिक रूप से अनुचित है।
झामुमो-कांग्रेस का पलटवार
वहीं, इस मामले पर सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस ने भाजपा की मांगों को सिरे से खारिज कर दिया है। दोनों दलों ने पलटवार करते हुए कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश की परीक्षाओं और छात्रों के हितों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सजग है। उन्होंने भाजपा पर इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। सत्तारूढ़ दलों का कहना है कि परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है और विपक्ष का यह आरोप केवल जनता को गुमराह करने की एक कोशिश है। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षाओं से संबंधित किसी भी गंभीर आरोप की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।
