झारखंड छात्र प्रदर्शन पर NDA सांसदों का मार्च, विपक्ष पर साधा निशाना
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में NDA सांसदों ने 11 अगस्त 2026 को संसद परिसर में मार्च निकाला।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 11 अगस्त 2026
झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित संसद परिसर तक पहुँच गया। मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने संसद भवन परिसर में एक मार्च निकाला और इस घटना को लेकर मुख्य विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। सांसदों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर छात्रों पर की गई लाठीचार्ज और बल प्रयोग को लेकर सवाल उठाए गए थे।
यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब झारखंड में छात्र आंदोलन एक बड़े राजनीतिक मुद्दे का रूप ले चुका है। सोमवार, 10 अगस्त 2026 को रांची में विधानसभा की ओर मार्च कर रहे JPSC और JSSC अभ्यर्थियों को रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई थी। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा था। इस घटनाक्रम के तत्काल बाद, भाजपा ने छात्रों के समर्थन में 11 अगस्त 2026 को पूरे राज्य में 'झारखंड बंद' का आह्वान किया था।
NDA सांसदों का संसद परिसर में प्रदर्शन और विपक्ष पर आरोप
संसद भवन परिसर में अपना मार्च निकालते हुए NDA सांसदों ने झारखंड की इस घटना के संबंध में विपक्ष की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान, उन्होंने विशेष रूप से राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों पर छात्रों के मुद्दे पर महज राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाया। सांसदों का तर्क था कि विपक्ष को छात्रों के मुद्दे पर बयानबाजी करने से पहले, झारखंड में हुई पुलिस कार्रवाई पर अपना स्पष्ट रुख रखना चाहिए था।
सांसदों द्वारा प्रदर्शन के दौरान हाथों में ली गई पोस्टरों और तख्तियों के माध्यम से झारखंड में छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया गया। संसद परिसर में यह प्रदर्शन केंद्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव का एक नया केंद्र बिंदु बन गया। सत्ता पक्ष का मानना है कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है, जबकि विपक्ष छात्रों के अधिकारों की रक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग उठा रहा है।
JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला
झारखंड में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी JPSC और JSSC द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों का मुख्य आरोप है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का अभाव है और परीक्षा से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल और निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो रही है। उनकी मांग है कि इन भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाया जाए और सभी शिकायतों की गहन जांच की जाए ताकि योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।
सोमवार, 10 अगस्त 2026 को, अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र समूह ने विधानसभा का घेराव करने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन के अनुसार, जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले बैरिकेडिंग से भीड़ को रोकने का प्रयास किया, लेकिन जब हालात बिगड़े तो बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस प्रशासन की ओर से यह भी दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और अन्य अप्रिय घटनाएं भी हुईं।
झारखंड में बंद का आह्वान, राजधानी में सुरक्षा कड़ी
छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को पूरे झारखंड में बंद का आह्वान किया है। राजधानी रांची सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों में बंद और प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौराहों और सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
भाजपा नेताओं ने छात्रों के समर्थन में आंदोलन को और तेज करने की बात कही है और परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की उच्च-स्तरीय जांच की मांग उठाई है। पार्टी ने छात्रों के मुद्दे पर राज्य सरकार की कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है।
संसद में भी बढ़ा गतिरोध, अध्यक्ष ने की शांति की अपील
झारखंड के छात्र आंदोलन का मुद्दा अब संसद में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का एक अहम हिस्सा बन गया है। मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध और हंगामे की स्थिति बनी रही। संसद के सुचारू संचालन में आ रही बाधा को देखते हुए, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत कर गतिरोध समाप्त कराने की अपील भी की है।
NDA सांसदों का संसद परिसर में मार्च इस बात का एक मजबूत संकेत है कि झारखंड के छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई अब केवल एक राज्य-स्तरीय मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसका राष्ट्रीय राजनीति पर भी महत्वपूर्ण असर पड़ने लगा है। इस घटना ने विभिन्न राजनीतिक दलों को छात्रों के मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने का एक नया मंच प्रदान कर दिया है।
छात्रों के मुद्दे पर आमने-सामने सत्ता पक्ष और विपक्ष
इस पूरे विवाद में, सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं। एक ओर, भाजपा और NDA सांसद झारखंड की गठबंधन सरकार पर छात्रों के साथ बल प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों को घेर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर, प्रमुख विपक्षी दल संसद में छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाकर सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इस तीखी बयानबाजी से संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है।
JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं, छात्रों के प्रदर्शन और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब न केवल झारखंड की प्रांतीय राजनीति का, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का भी एक प्रमुख मुद्दा बन गया है। यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले की निष्पक्ष जांच और सरकार की प्रतिक्रिया के आधार पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।
