झाबुआ पुलिस का नशामुक्त अभियान: 99 क्विंटल गांजे की अवैध खेती का भंडाफोड़
झाबुआ पुलिस ने कपास की आड़ में हो रही गांजे की अवैध खेती का भंडाफोड़ किया। 99 क्विंटल से अधिक गांजा, जिसकी कीमत 9 करोड़...

Indore | संवाददाता: आशीष नेमा
द क्लिफ न्यूज़ | इंदौर | 15 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नशामुक्त मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में पुलिस ने झाबुआ जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राज्य पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए अपनाई जा रही 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत, झाबुआ पुलिस को गांजे की अवैध खेती के संबंध में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन और इंदौर जोन के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में, झाबुआ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने ग्राम कलमोड़ा के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में दबिश दी। मुखबिरों से प्राप्त सूचना के आधार पर, पुलिस को पता चला था कि कुछ असामाजिक तत्व कपास की फसल के बीच अवैध रूप से गांजे की खेती कर रहे हैं।
दुर्गम क्षेत्रों में गांजे की अवैध खेती का खुलासा
मौके पर पहुंची पुलिस की संयुक्त टीम, जिसमें चौकी पारा और थाना कोतवाली के जवान शामिल थे, ने तीन अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान, कपास की फसल के बीच छिपाकर उगाई जा रही गांजे की हजारों खेप का खुलासा हुआ। पुलिस ने कुल 15,609 गांजे के पौधे जब्त किए।
भारी मात्रा में गांजा जब्त, करोड़ों की अनुमानित कीमत
जब्त किए गए इन गांजे के पौधों का कुल वजन 99 क्विंटल 16 किलोग्राम 427 ग्राम आंका गया है। स्थानीय बाजार में इस अवैध गांजे की अनुमानित कीमत 9 करोड़ 42 लाख रुपये बताई जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई से मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध खेती में शामिल तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है।
पुलिस ने तीनों मामलों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत, मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध खेती के खिलाफ यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जिम्मेदार तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में प्रदेश को सुरक्षित और नशामुक्त बनाया जा सके।
