जेपीएससी परीक्षा धांधली: सीआईडी की लखनऊ-रांची समेत कई ठिकानों पर छापेमारी, 20 गिरफ्तार
जेपीएससी परीक्षा में कथित धांधली मामले में सीआईडी ने रांची, लखनऊ सहित कई ठिकानों पर छापेमारी कर परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल के अकाउंटेंट समेत 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

द क्लिफ न्यूज़ | रांची | 6 अगस्त 2026
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के गंभीर आरोपों के बीच, झारखंड सीआईडी (CID) ने अपनी जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में, एजेंसी ने रांची, लखनऊ और अन्य कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की है। इस कार्रवाई के तहत, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) के अकाउंटेंट रक्षक सिंह सहित कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक की गिरफ्तारियों की कुल संख्या लगभग 20 हो गई है।
सीआईडी और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर की गई छापेमारी में कई संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, लखनऊ से गिरफ्तार रक्षक सिंह, टीडीपीएल में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था और उस पर परीक्षा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और धांधली में संलिप्त होने का आरोप है। वहीं, रांची में उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार और धर्मेंद्र कुमार जैसे एजेंटों और कर्मचारियों से पूछताछ जारी है।
जांच में संगठित नेटवर्क के संकेत
सीआईडी ने दावा किया है कि अब तक की प्रारंभिक जांच में एक सुनियोजित और संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। एजेंसी के अनुसार, इस सिंडिकेट का कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी है, जिसने परीक्षा प्रक्रिया को मनमाने ढंग से प्रभावित करने के लिए यह पूरा नेटवर्क तैयार किया था। वर्तमान में, जांच एजेंसियां इस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल कर रही हैं, ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनकी भूमिकाओं का खुलासा किया जा सके।
अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी, स्वतंत्र जांच की मांग
एक ओर जहां सीआईडी अपनी कार्रवाई को अंजाम दे रही है, वहीं दूसरी ओर रांची में जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के विरोध में अभ्यर्थियों का आंदोलन अभी भी जारी है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने या उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में एक स्वतंत्र जांच की मांग की है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है और इसमें शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
विधानसभा सत्र में गूंजेगा मामला
इस बीच, झारखंड विधानसभा का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र आज, 6 अगस्त 2026, से प्रारंभ हो रहा है। यह पूरी संभावना है कि जेपीएससी परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा। विपक्ष, राज्य सरकार से इस मामले की जांच की वर्तमान स्थिति और दोषियों पर की गई कार्रवाई को लेकर जवाब तलब कर सकता है।
विशेष रूप से, झारखंड में शिक्षा विभाग का प्रभार स्वयं मुख्यमंत्री के पास है, ऐसे में विपक्ष इस पूरे प्रकरण में सरकार की जवाबदेही तय करने का पूरा प्रयास करेगा। वहीं, राज्य सरकार सीआईडी की जांच और अब तक हुई गिरफ्तारियों के आधार पर सदन में अपनी कार्रवाई का पक्ष रखेगी। इन परिस्थितियों को देखते हुए, आगामी मानसून सत्र के जेपीएससी परीक्षा धांधली के मुद्दे पर काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं।
