जेलों में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान, भोपाल में जागरूकता शिविर
भोपाल में जेल विभाग ने बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जागरूकता और परामर्श सत्र का आयोजन किया।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 18 सितंबर 2026
प्रदेश की जेलों में निरुद्ध बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, जेल विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल के तहत केंद्रीय जेल भोपाल में एक विशेष जागरूकता एवं परामर्श सत्र का आयोजन किया। यह पहल महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं डॉ. वरुण कपूर के मार्गदर्शन में की जा रही है।
हाल ही में जेल विभाग और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MOU) के तहत, 15 सितंबर 2026 को आयोजित इस शिविर में फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट श्री ओम तिवारी ने बंदियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मानसिक तनाव और उससे जुड़ी विभिन्न समस्याओं के प्रति जागरूक किया। श्री तिवारी ने बंदियों की व्यक्तिगत और मानसिक समस्याओं को समझने का प्रयास किया और आवश्यकतानुसार परामर्श भी प्रदान किया।
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और परामर्श सत्र
शिविर के दौरान, बंदियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं और समस्याएं विशेषज्ञ के समक्ष रखीं। श्री ओम तिवारी ने ध्यानपूर्वक उनकी बातें सुनीं और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन एवं परामर्श दिया। इस सत्र का उद्देश्य बंदियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सामना कर रही मानसिक चुनौतियों से निपटने में मदद करना था।
सुधारात्मक सेवाओं का अभिन्न अंग
जेल विभाग बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहारिक सुधार और पुनर्वास को सुधारात्मक सेवाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ हुए MOU के माध्यम से, जेलों में बंद बंदियों तक विशेषज्ञ परामर्श सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। यह पहल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य बंदियों के समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक श्री मानेंद्र परिहार, जेल विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल के महत्व पर जोर दिया।
