जयशंकर ने पुतिन से की मुलाकात, भारत-रूस संबंधों को नई मजबूती
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा सहयोग और रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की।

द क्लिफ न्यूज़ | मॉस्को | 24 अगस्त 2026
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच भारत-रूस संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने तथा आगामी वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर गहन चर्चा हुई। जयशंकर 23-24 अगस्त को रूस की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देने के उद्देश्य से की जा रही है।
बैठक में द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। दोनों पक्षों ने व्यापार में मौजूद असंतुलन को दूर करने, भारतीय निर्यात को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच भुगतान की व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर विचार-विमर्श किया। उल्लेखनीय है कि भारत और रूस ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
ऊर्जा और कनेक्टिविटी में सहयोग का विस्तार
ऊर्जा सहयोग वार्ता का एक प्रमुख विषय रहा। भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए रूस के साथ तेल, गैस और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त, नॉर्दर्न सी रूट और अन्य परिवहन गलियारों के माध्यम से दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य व्यापार और लॉजिस्टिक्स को अधिक कुशल बनाना है।
रक्षा साझेदारी को मिले नई गति
रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों की लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर भी विचार किया गया। भारतीय सशस्त्र बलों के लिए आवश्यक रक्षा उपकरणों और स्पेयर पार्ट्स की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। यह सहयोग दोनों देशों की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने में सहायक होगा।
वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर सामंजस्य
इस बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर भी विचारों का गहन आदान-प्रदान हुआ। दोनों देशों ने आतंकवाद के विरुद्ध एक सख्त रुख अपनाने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत और रूस के बीच नियमित संवाद बनाए रखने पर भी सहमति जताई गई, जो वैश्विक मंचों पर उनकी समन्वित भूमिका को दर्शाता है।
जयशंकर की रूस यात्रा के दौरान भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 27वीं बैठक का भी आयोजन हुआ, जिसमें व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग से संबंधित मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। यह बैठक आगामी भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहाँ व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया जाएगा।
