जयशंकर और जांजीबार राष्ट्रपति की भेंट: शिक्षा, स्वास्थ्य, AI में सहयोग बढ़ेगा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जांजीबार के राष्ट्रपति हुसैन अली म्विनी से मुलाकात की। शिक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 20 जुलाई 2026
भारत और तंजानिया के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र जांजीबार के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने जांजीबार के राष्ट्रपति एवं रिवोल्यूशनरी काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. हुसैन अली म्विनी के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की। चार दिवसीय भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति म्विनी के साथ नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों पक्षों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, जलापूर्ति, डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक विस्तार देने पर महत्वपूर्ण सहमति व्यक्त की।
बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में, विशेष रूप से उच्च शिक्षा और क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) पर जोर दिया गया। दोनों देशों ने साझा ज्ञान और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के माध्यम से शैक्षणिक संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार को लेकर भी गहन चर्चा हुई, जिसमें भारत द्वारा तंजानिया को प्रदान की जा रही चिकित्सा सहायता और दवाओं की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर बात हुई।
सहयोग के नए आयाम: जल, डिजिटल और AI
राष्ट्रपति म्विनी की भारत यात्रा के दौरान हुई इस बैठक में जल संसाधनों के प्रबंधन और कुशल उपयोग पर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जल-आधारित परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त, दोनों पक्षों ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने पर भी बल दिया। भारत की डिजिटल क्रांति के अनुभव और प्रौद्योगिकियों को जांजीबार में लागू करने की योजनाओं पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
बैठक का एक और महत्वपूर्ण पहलू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में सहयोग रहा। दोनों देशों ने एआई की बढ़ती क्षमता और विभिन्न क्षेत्रों में इसके अनुप्रयोग की संभावनाओं को पहचाना। भविष्य में अनुसंधान, विकास और कौशल विकास में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त पहलों पर विचार किया गया। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने इस मुलाकात को भारत और जांजीबार के बीच साझा विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस मुलाकात के बारे में साझा करते हुए कहा कि भारत और जांजीबार ने उच्च शिक्षा, क्षमता निर्माण, जल संसाधन, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और गहरा करने तथा जन-केंद्रित विकास को बढ़ावा देने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह बैठक भारत की 'पड़ोसी प्रथम' और 'अफ्रीका के साथ मजबूत संबंध' की नीति का एक प्रमाण है, जिसके तहत भारत अफ्रीकी देशों के साथ आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। जांजीबार, अपनी रणनीतिक स्थिति और बढ़ते पर्यटन व व्यापार के कारण, भारत के लिए अफ्रीका में एक महत्वपूर्ण साझेदार है। शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग से दोनों क्षेत्रों के लोगों को लाभ होने की उम्मीद है, जिससे स्थायी विकास को गति मिलेगी।
