जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस में हिंसक झड़प, 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बुधवार रात बवाल हो गया। बैरिकेड तोड़ने और कथित पत्थरबाजी के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस हिंसक झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 22 जुलाई 2026
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुधवार रात आयोजित प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में जुटे प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया। सुरक्षा बलों द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद तनाव बढ़ गया और कथित तौर पर पत्थरबाजी भी हुई।
इस टकराव में 118 से अधिक पुलिसकर्मियों सहित कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की सूचना है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। घटना के बाद जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स को हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और फिर झड़प शुरू हो गई। पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया, जिससे कई जवान घायल हो गए। इसके जवाब में, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें लाठीचार्ज भी शामिल था।
दर्ज हुईं कई FIR, जांच जारी
इस घटना के संबंध में पुलिस ने हिंसा, सरकारी कार्य में बाधा, तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराओं के तहत कई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। वर्तमान में, पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग का विश्लेषण कर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
जंतर-मंतर की घटना के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने विरोध स्थलों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत, सुरक्षाकर्मियों को अब सादे कपड़ों के बजाय वर्दी में ड्यूटी करना अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से सुरक्षा व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता आएगी और पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
इस घटना ने राजधानी दिल्ली में राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
