जंतर-मंतर पर आतंकी हमले की साजिश नाकाम, ISI के दो मॉड्यूल भंडाफोड़
पंजाब पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान बड़े हमले की ISI-समर्थित साजिश का भंडाफोड़ किया है। 9 आरोपी गिरफ्तार, जिनमें 4 नाबालिग शामिल हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 5 अगस्त 2026
पंजाब पुलिस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े आतंकी हमले की योजना को नाकाम करने का दावा किया है। खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े दो कथित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चार नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों की योजना जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान हमला करने की थी।
पुलिस ने अपनी कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से पेट्रोल बम, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और अन्य संदिग्ध सामग्रियां बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये कथित मॉड्यूल सदस्य विदेश में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे। वर्तमान में, जांच एजेंसियां इस मॉड्यूल के फंडिंग नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और विदेशी संपर्कों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।
संवेदनशील स्थलों की टोह लेने का प्रयास
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि आरोपी विभिन्न संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटा रहे थे। इस संबंध में, रेलवे ट्रैक के आसपास गुप्त कैमरे लगाकर वीडियो और अन्य सूचनाएं विदेश भेजने के प्रयास की भी जांच की जा रही है। यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह दर्शाता है कि आतंकी संगठन देश के प्रमुख प्रदर्शन स्थलों को निशाना बनाने की फिराक में थे।
अमृतसर से पकड़ा गया पहला मॉड्यूल
पंजाब पुलिस के अनुसार, पहला मॉड्यूल अमृतसर जिले के राजासांसी क्षेत्र से पकड़ा गया। इस मॉड्यूल में सुखमन सिंह और उसके तीन नाबालिग साथी शामिल थे। पुलिस अब इन लोगों के संपर्क में रहे अन्य व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने का प्रयास कर रही है। इस कार्रवाई से सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जैसा कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार ऐसे नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
जंतर-मंतर दिल्ली का एक प्रमुख प्रदर्शन स्थल है, जहाँ अक्सर विभिन्न संगठन अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हैं। ऐसे संवेदनशील स्थान को निशाना बनाने की कथित साजिश सामने आने के बाद, देश भर की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करके पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। एजेंसियों की यह भी जांच है कि इस साजिश में कितने और लोग शामिल थे और उन्हें किस स्तर की सहायता मिल रही थी। जांच पूरी होने के बाद ही साजिश से जुड़े सभी तथ्यों का विस्तृत खुलासा होने की उम्मीद है।
