जन्माष्टमी पर यादव समाज की भव्य शोभायात्रा, भक्ति और उल्लास का संगम
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यादव समाज ने शहर में निकाली विशाल शोभायात्रा। भक्त और युवा डीजे की धुन पर झूमे, बाल-कलाकारों ने श्रीकृष्ण-राधा का स्वरूप धारण किया।

संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | 4 सितंबर 2026
शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के महापर्व को बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय यादव महासभा के तत्वावधान में यादव समाज द्वारा एक विशाल एवं भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। भक्ति और उत्साह से सराबोर यह शोभायात्रा गायत्री मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी और लक्ष्मीगंज में एक विशाल आमसभा के रूप में संपन्न हुई।
शोभायात्रा में भारतीय संस्कृति और भक्ति भावना का अनुपम दृश्य देखने को मिला। यात्रा के आगे समाज के वरिष्ठजन घोड़ों पर सवार होकर मार्ग प्रशस्त कर रहे थे, जबकि डीजे पर बज रहे मधुर भजनों की धुन पर युवा वर्ग थिरक रहा था। एक विशेष रूप से सुसज्जित रथ में बाल-कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा के दिव्य स्वरूप को धारण किया हुआ था, जिनके दर्शन मात्र से श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। शहरवासियों ने जगह-जगह पालकी में विराजे बालगोपाल की आरती उतारकर और पुष्प वर्षा कर उनका हार्दिक स्वागत किया।
शोभायात्रा का भव्य स्वागत और भक्तिमय वातावरण
गायत्री मंदिर से प्रारंभ होकर, यह शोभायात्रा हनुमान चौराहा, हाट रोड और सदर बाजार जैसे शहर के अतिव्यस्त और प्रमुख मार्गों से गुजरी। इन सभी मार्गों पर श्रद्धालुओं और शहरवासियों की भारी भीड़ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों को सजाया था और पुष्प वर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया। खासकर, जब रथ में सवार बाल-कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा के रूप में अपने मनमोहक स्वरूप का प्रदर्शन किया, तो पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। पालकी में सजे बालगोपाल के दर्शन के लिए लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। कई स्थानों पर पारंपरिक आरती और मंगल गीतों के साथ उनका स्वागत किया गया, जिससे वातावरण और भी श्रद्धापूर्ण बन गया। यह शोभायात्रा न केवल यादव समाज की एकता और आस्था का प्रतीक थी, बल्कि इसने पूरे शहर को एक साथ लाकर भक्ति के एक अनूठे उत्सव में बदल दिया।
आमसभा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मटकी फोड़ का आयोजन
लक्ष्मीगंज में शोभायात्रा के समापन के पश्चात आयोजित आमसभा में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। आमंत्रित कलाकारों ने कृष्ण भजनों पर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। वहीं, शहर के प्रमुख गोपाल मंदिर और खाटू श्याम मंदिर में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शनों के लिए जुटी रही। देर रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर महाआरती का आयोजन किया गया। इसके साथ ही, बैजू चौराहे सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं का भी धूम-धड़ाके के साथ आयोजन हुआ, जिसमें युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण ऊँचाई पर लटकाई गई मटकी को फोड़ना था, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए एक-दूसरे को प्रेरित करते दिखे। यह आयोजन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उल्लास को दोगुना करने वाला साबित हुआ।
