जन्माष्टमी पर सौहार्द बनाए रखने के डीएम के कड़े निर्देश
मीरजापुर के जिलाधिकारी ने जन्माष्टमी पर सौहार्द के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। संवेदनशील स्थलों, शोभायात्राओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर पैनी नज़र रखने को कहा गया है।

संवाददाता: शशि भूषण दूबे कंचनीय/रोमेश रंजन दूबे
द क्लिफ न्यूज़ | मीरजापुर | 2 सितंबर 2026
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर जनपद में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील स्थलों, मंदिरों और पूजा स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर बल दिया है, जहाँ पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए एकत्रित होते हैं।
जिलाधिकारी ने आगामी जन्माष्टमी पर्व के मद्देनजर विभिन्न संभावित विवादों और असामाजिक तत्वों द्वारा उत्पन्न की जा सकने वाली अशांति की आशंकाओं को देखते हुए सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इनमें पूजा स्थलों पर झॉकियाँ सजाने, शोभायात्राओं के मार्ग निर्धारण, गैर-परंपरागत ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग, धार्मिक स्थलों के निकट से जुलूसों का गुजरना, आपत्तिजनक नारेबाज़ी, अफवाहें फैलाना, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान अपराध और अभद्र व्यवहार, तथा महिलाओं/लड़कियों के साथ छेड़-छाड़ जैसी घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखना शामिल है।
संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी
जिलाधिकारी ने सभी मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया है कि जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर रेलवे स्टेशन, पुलिस लाइन, विन्ध्याचल, अष्टभुजा मंदिर, बरियाघाट त्रिमुहानी, तथा चुनार, नरायनपुर, कछवां, अहरौरा, मधूपुर, मड़िहान, लालगंज और हलिया जैसे कस्बों और क्षेत्रों में जहाँ झॉकियाँ सजाई जाती हैं, वहाँ असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान रखा जाए। इन क्षेत्रों में गिरह कटी, चेन स्नेचिंग और अन्य आपराधिक वारदातों की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है। नक्सली गतिविधियों से प्रभावित जनपद की विशिष्ट परिस्थितियों को भी ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मर्यादा का पालन
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में भारतीय संस्कृति और परंपराओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के अश्लील प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। कलाकारों की वेश-भूषा ऐसी होनी चाहिए जिससे अश्लीलता प्रदर्शित न हो। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी कार्यक्रम गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हों और किसी भी रूप में मर्यादा का उल्लंघन न हो।
पुलिस अधीक्षक को दिए गए निर्देश
जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक से जनपद के सभी संबंधित थानों, पुलिस लाइन, कारागार और अन्य स्थानों पर जहाँ झॉकियाँ सजाई जाती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, वहाँ उपरोक्त सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और पर्व के दौरान शांति व्यवस्था को हर हाल में बाधित होने से बचाने के लिए तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्थानीय प्रशासनों की ज़िम्मेदारी
जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट को नगर क्षेत्र में और समस्त उप जिला मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने उप-खंडों में कानून व्यवस्था बनाए रखने की ज़िम्मेदारी सौंपी है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। संवेदनशील और विवादित स्थलों पर पैनी नज़र रखने के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन पर्व को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
अविघ्न विद्युत आपूर्ति और नागरिक सुविधाएँ
इसके अतिरिक्त, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम, द्वितीय और चुनार को संपूर्ण जनपद में त्योहार के पर्व पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जनता में असंतोष की भावना उत्पन्न न हो। अघोषित विद्युत कटौती पर रोक लगाने को कहा गया है। अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मीरजापुर, चुनार, अहरौरा और नगर पंचायत कछवां को अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, जलापूर्ति और प्रकाश की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा सफाई, जलापूर्ति और प्रकाश की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आम जनमानस को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
