जन्माष्टमी पर मीरजापुर पुलिस लाइन में बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता
मीरजापुर पुलिस लाइन में वामा सारथी द्वारा जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता व सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने राधा-कृष्ण सहित विभिन्न स्वरूपों में मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

संवाददाता: शशि भूषण दूबे कंचनीय वरिष्ठ पत्रकार
द क्लिफ न्यूज़ | मीरजापुर | 4 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन (वामा सारथी) द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पुलिस लाइन मीरजापुर में एक भव्य फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन पुलिस अधीक्षक मीरजापुर, अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिस परिवार के बच्चों के बीच रचनात्मकता, प्रतिभा और आत्मविश्वास को बढ़ाना तथा उन्हें भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ना था।
इस विशेष कार्यक्रम में पुलिस परिवार के बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण, राधा, सुदामा और अन्य विभिन्न पौराणिक चरित्रों के रूप में सजी आकर्षक वेशभूषाओं के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी मनमोहक प्रस्तुतियां दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। इस वर्ष के आयोजन में बच्चों की रचनात्मकता का स्तर काफी ऊंचा देखने को मिला, जहाँ उन्होंने न केवल पारंपरिक वेशभूषाओं को अपनाया बल्कि अपने पात्रों के चरित्र को भी बखूबी निभाया।
इस अनूठे आयोजन का उद्देश्य बच्चों को एक ऐसा मंच प्रदान करना था जहाँ वे अपनी छिपी प्रतिभा को निखार सकें और सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। जन्माष्टमी का पावन पर्व होने के कारण, बच्चों ने विशेष रूप से भगवान कृष्ण से संबंधित विभिन्न रूपों में अपनी प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति और धार्मिकता की गहराई का अनुभव कराया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजी शाम
फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के अलावा, बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे नृत्य और गायन प्रस्तुतियां भी दीं। इन प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रस्तुतियां भारतीय संस्कृति की झलक दिखा रही थीं, जिसने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। बच्चों ने लोक गीतों पर नृत्य किया और देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत भी गाए, जिससे कार्यक्रम में एक विशेष उत्साह का संचार हुआ।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में, कुछ बच्चों ने लघु नाटिकाएं भी प्रस्तुत कीं, जिन्होंने पौराणिक कथाओं और सामाजिक संदेशों को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी अभिनय क्षमता और संवाद अदायगी का भी प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। यह विविधतापूर्ण प्रस्तुतियों का संगम था जिसने शाम को यादगार बना दिया।
बच्चों को मिला पुरस्कार, उज्ज्वल भविष्य की कामना
फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को क्षेत्राधिकारी चुनार, गायत्री यादव द्वारा पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की। इस प्रकार के आयोजन न केवल बच्चों को अपनी कलात्मकता दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि पुलिस बल के परिवारों के बीच सौहार्द और एकता को भी बढ़ावा देते हैं।
पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान, गायत्री यादव ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता केवल जीत-हार के लिए नहीं है, बल्कि यह बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने का एक माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस परिवार के सदस्यों का इस तरह के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेना, पुलिस बल के मनोबल को भी बढ़ाता है और उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित बनाता है। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देने और एक सुखद भविष्य की आशा के साथ हुआ।
