BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

जन्मदिन पार्टी का लिखित वादा टूटा: वकील ने भेजा लीगल नोटिस

दमोह में वकीलों के बीच एक अनोखा मामला चर्चा में है, जहाँ अधिवक्ता गोविंद तिवारी ने जन्मदिन पर पार्टी का लिखित वादा पूरा नहीं किया। साथी वकील ने लीगल नोटिस भेजकर आपत्ति जताई है।

Few hours ago
2 मिनट में पढ़ें
जन्मदिन पार्टी का लिखित वादा टूटा: वकील ने भेजा लीगल नोटिस

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 1 सितंबर 2026

मध्य प्रदेश के दमोह न्यायालय में वकीलों के बीच एक अनोखी कानूनी लड़ाई चर्चा का विषय बनी हुई है। अधिवक्ता गोविंद तिवारी द्वारा अपने जन्मदिन पर साथियों को पार्टी देने के लिखित वादे को पूरा न करने पर, एक साथी अधिवक्ता ने उन्हें बाकायदा लीगल नोटिस भेजा है। यह मामला स्थानीय बार एसोसिएशन के बीच खूब चर्चा बटोर रहा है।

मामले के अनुसार, अधिवक्ता गोविंद तिवारी ने लगभग 10 अगस्त को अपने जन्मदिन के अवसर पर बार एसोसिएशन के सभी साथियों को पार्टी आयोजित करने का मौखिक वादा किया था। हालांकि, तय तारीख बीत जाने के बाद भी जब पार्टी का आयोजन नहीं हुआ, तो अन्य अधिवक्ताओं, जिनमें विशाल सिंह ठाकुर प्रमुख हैं, ने उनसे इस संबंध में पूछताछ की।

लिखित घोषणा और उसके उल्लंघन का आरोप

साथी अधिवक्ताओं के बढ़ते दबाव के चलते, गोविंद तिवारी ने 19 अगस्त को एक लिखित घोषणा पत्र जारी किया। इस घोषणा पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे 23 अगस्त को शाम 7 बजे सभी अधिवक्ताओं को पार्टी देंगे। इसके बाद, 23 अगस्त की शाम को कई अधिवक्ता बताए गए स्थान पर पार्टी का इंतजार करते रहे। लेकिन, न तो पार्टी का कोई इंतजाम हुआ और न ही अधिवक्ता गोविंद तिवारी की ओर से कोई जवाब मिला। फोन पर संपर्क करने का प्रयास भी असफल रहा।

कानूनी नोटिस और वकीलों में चर्चा

इस वादे के पूरा न होने और लिखित घोषणा के उल्लंघन से नाराज होकर, अधिवक्ता विशाल सिंह ठाकुर ने अधिवक्ता गोविंद तिवारी को एक कानूनी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में लिखित वादे को पूरा न करने पर आपत्ति जताई गई है और कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वर्तमान में, यह पूरा घटनाक्रम दमोह कोर्ट परिसर में वकीलों के बीच चर्चा का एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है, जहाँ इस असामान्य कानूनी विवाद को लेकर विभिन्न मत व्यक्त किए जा रहे हैं।