जंगल मितान के 33 साल: 50 पर्यावरण प्रेमियों को मिला सम्मान
बिलासपुर में जंगल मितान संस्था ने 33वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 50 पर्यावरण प्रेमियों को सम्मानित किया गया।

संवाददाता: राज गोस्वामी
द क्लिफ न्यूज़ | बिलासपुर | 31 अगस्त 2026
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से सक्रिय संस्था 'जंगल मितान' ने अपना 33वां वार्षिक स्थापना दिवस बिलासपुर में धूमधाम से मनाया। इस विशेष अवसर पर, पर्यावरण के क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले 50 पर्यावरण मितानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संस्था के संस्थापक चंद्र प्रकाश वाजपेयी, पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग डॉ. विनय कुमार पाठक, साहित्यकार डॉ. विजय सिन्हा, डॉ. मंत राम यादव, डॉ. शंकुतला जितपुते सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
संस्था के संस्थापक चंद्र प्रकाश वाजपेयी ने बताया कि 'जंगल मितान' का मुख्य कार्यालय अचानकमार शिव तराई में स्थित है। यहां समय-समय पर बच्चों के लिए पर्यावरणीय जानकारी, जंगल भ्रमण, ट्रेकिंग, ग्रामीण खेल और संस्कृति से संबंधित आयोजन व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य नई पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।
पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए सम्मान
स्थापना दिवस समारोह के दौरान, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 50 पर्यावरण मितानों को सम्मानित किया गया। इनमें अक्षय अलकारी (संयोजक पर्यावरण पहरी), राजेंद्र मौर्य, संतोष कश्यप, कमलेश्वर साहू, शेलेश शुक्ला, विशाल साहू, इतवारी राम साहू, श्री श्याम मोहन दुबे (संस्थापक अरपा अर्पण महा अभियान जन आंदोलन), ईशान यादव, दिग्विजय पाठक, श्री दुजराम भेड़पाल (अध्यक्ष पेड़ प्रेमी सेंदरी), इंद्रजीत सिंह सोहेल (संयोजक वृक्ष ही जीवन है) और श्रीमती श्वेता पांडेय (सचिव नारीशक्ति) जैसे पर्यावरण प्रेमी शामिल थे। इन सभी को पर्यावरण सम्मान प्रमाण पत्र, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
पर्यावरण संरक्षण आज की आवश्यकता: डॉ. पाठक
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने 'जंगल मितान' द्वारा जन-जागृति के लिए किए जा रहे कार्यों को 'अनुकरणीय' बताया। डॉ. पाठक ने संस्था के संस्थापक चंद्र प्रकाश वाजपेयी के विगत 33 वर्षों से किए जा रहे पौधारोपण के प्रयासों की भी विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के अथक प्रयास ही पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं।
सुप्रसिद्ध डॉ. शकुंतला जितपुरे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पौधारोपण का महत्व न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए है, बल्कि मानव जीवन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नवग्रह वाटिका की विस्तृत जानकारी देते हुए चंद्र प्रकाश वाजपेयी के इस कार्य की भी प्रशंसा की। वरिष्ठ साहित्यकारों डॉ. विजय सिन्हा और डॉ. मंतराम यादव ने भी अपने विचार रखे और संस्था के संस्थापक चंद्र प्रकाश वाजपेयी व अध्यक्ष चंद्र प्रदीप बाजपेयी को हार्दिक बधाई दी।
इस अवसर पर कुंज बिहारी मिश्रा, विष्णु तिवारी, मनोज शुक्ला, रमेश सिंह राजपूत, राजेश त्रिवेदी, डॉ. उषा किरण बाजपेयी, श्वेता पांडेय, डॉ. रश्मि बाजपेयी, चंद्र कला त्रिवेदी, आभा पांडेय, प्रदीप पांडेय, मनोज मिश्रा, सरोज मिश्रा, सी एम बाजपेयी, दीपेश बाजपेयी, अजय द्विवेदी, किरण मुले, प्रदीप नारंग, मनोज सिंह, सुनील पांडेय, राम नारायण पटेल सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत जंगल मितान के पदाधिकारी अध्यक्ष चंद्र प्रदीप बाजपेयी, डॉ. विवेक सिंह चंदेल, पप्पू, देवेंद्र मिश्रा, शत्रुघन सिकरवार और डॉ. उषा किरण बाजपेयी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन चंद्र प्रकाश वाजपेयी ने किया और आभार प्रदर्शन चंद्र प्रदीप बाजपेयी ने किया।
