जनगणना 2027: डिजिटल डेटा संग्रह की तैयारियों में जुटे अधिकारी
बलरामपुर में 2027 की जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। अधिकारियों को डिजिटल डेटा संग्रह का प्रशिक्षण दिया गया।

बलरामपुर | संवाददाता: प्रमोद पाण्डेय
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 16 सितंबर 2026
वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना के दूसरे चरण को निर्बाध और समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने की कवायदें तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बलरामपुर जनपद में जिला और चार्ज स्तरीय अधिकारियों के लिए एक विशेष दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आगामी जनगणना के दौरान डिजिटल माध्यम से डेटा एकत्र करने की प्रक्रिया को सुचारू बनाना है।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि यह राष्ट्रीय कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें शुद्धता और आपसी समन्वय सर्वोपरि है। उन्होंने अधिकारियों को जनगणना की कार्ययोजना, प्रगणना ब्लॉक के गठन और डिजिटल डेटा संकलन की बारीकियों से विस्तृत रूप से अवगत कराया।
डिजिटल जनगणना की नई कार्यप्रणाली
उत्तर प्रदेश में जनगणना का फील्ड वर्क 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक निर्धारित है। बलरामपुर जनपद में इस कार्य के लिए लगभग 5100 प्रगणना ब्लॉक बनाए गए हैं। इन सभी ब्लॉकों में नियुक्त प्रगणक मोबाइल ऐप का उपयोग करके घर-घर जाकर सूचनाएं एकत्र करेंगे। इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिससे डेटा प्रबंधन और विश्लेषण में दक्षता आएगी।
नागरिकों के लिए स्व-गणना का विकल्प
जनगणना को अधिक समावेशी बनाने के उद्देश्य से, नागरिकों को स्व-गणना का एक विशेष विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा। 16 दिसंबर 2026 से 30 दिसंबर 2026 तक, नागरिक स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। जिलाधिकारी ने इस संबंध में अधिकारियों को कड़े निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। उन्होंने इस प्रक्रिया को एक व्यापक राष्ट्रीय कार्य बताते हुए, हर स्तर पर आपसी समन्वय और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रशिक्षण सत्र में जनगणना निदेशालय, लखनऊ के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को उनके दायित्वों और नई तकनीक के प्रभावी उपयोग के बारे में प्रशिक्षित किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी और संबंधित विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ मिलकर निर्धारित समय-सीमा में कार्य योजना को पूरा करें। यह प्रक्रिया जनपद में जनसांख्यिकीय आंकड़ों को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण किया जा सके।
