जन-विश्वास शिविर: कलेक्टर-एसपी ने सुनीं समस्याएं, मौके पर हुआ समाधान
आरोन में आयोजित जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर में कलेक्टर और एसपी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, कई प्रकरणों का मौके पर निपटारा किया गया और हितलाभ वितरित किए गए।

द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 21 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत आरोन की ग्राम पंचायत झाझौन में आयोजित तीसरे जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रशासन पूरी तरह तत्पर दिखा। इस शिविर ने आमजन और प्रशासन के बीच विश्वास का एक मजबूत सेतु बनाने का काम किया, जहां अनेक प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव नहीं था, उनके शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ वितरित किए गए, साथ ही नामांतरण, जाति और मूलनिवासी प्रमाण पत्र, पात्रता पर्ची, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनाने की सुविधाएं भी मौके पर उपलब्ध कराई गईं। यह आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत प्रदेशभर में हर शुक्रवार को जन-विश्वास शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल और पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने स्वयं शिविर में उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। शिविर की शुरुआत में सभी आवेदकों का पंजीकरण किया गया और उनके आवेदनों को संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया। इसके बाद, अधिकारियों ने एक-एक करके आवेदकों की व्यक्तिगत समस्याएं सुनीं और जहां तक संभव हुआ, उनका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया। जिन प्रकरणों की जटिलता के कारण तत्काल समाधान संभव नहीं था, उनके त्वरित निपटारे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित किया गया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि नागरिकों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
हितलाभों का वितरण और संवाद
शिविर के दौरान, सामाजिक न्याय विभाग सहित विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को उनके निर्धारित लाभ वितरित किए गए। दिव्यांगजनों को उनके जीवन को सुगम बनाने वाली ट्राइसाइकिलें भी प्रदान की गईं। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं से उन्हें मिल रहे लाभों के बारे में जानकारी ली, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत को समझा जा सके। कृषि, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास जैसे विभागों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं, उनकी पात्रता और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में ग्रामीणों को विस्तृत जानकारी दी।
कृषि में आधुनिकता और नवाचार पर ज़ोर
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने इस अवसर पर गुना जिले के निरंतर विकास पर प्रकाश डाला और कहा कि जिले में विभिन्न क्षेत्रों में नए नवाचार किए जा रहे हैं। उन्होंने कृषि के पारंपरिक तरीकों में बदलाव की आवश्यकता पर बल देते हुए किसानों को नई और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उनका मानना था कि इन तकनीकों के माध्यम से कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा और जागरूकता पर दिया संदेश
पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्हें गांव में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अपराध या कानून-व्यवस्था से संबंधित जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने से पुलिस त्वरित कार्रवाई कर अपराधों को रोक सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से नशे से दूर रहने और युवाओं को भी इसके दुष्परिणामों से बचाने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने साइबर अपराधों के प्रति भी सजग रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करने की सलाह दी। पुलिस और आमजन के बीच प्रभावी संवाद को सुरक्षित और अपराधमुक्त समाज के निर्माण की नींव बताया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने योजनाओं के लाभ और मोबाइल कोर्ट का किया उल्लेख
जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़ ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पूरा जिला प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा जन्म से लेकर मृत्यु तक विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। धाकड़ ने जिले में संचालित मोबाइल कोर्ट की पहल का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से मौके पर ही कई मामलों का निपटारा किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल रही है।
उद्यमियों और स्वरोजगार के अवसरों पर संवाद
शिविर में एक महत्वपूर्ण सत्र उद्यमियों, नए स्टार्टअप और स्वरोजगार से जुड़े हितग्राहियों के लिए 'उद्यम संवाद' के रूप में आयोजित किया गया। इसमें किसानों, वेल्डरों, पेंटरों और अन्य स्वरोजगार से जुड़े लोगों ने भाग लिया। इस संवाद के दौरान, उद्यम विभाग की विभिन्न योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों और ऋण सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उद्यमियों से उनके अनुभव, व्यावसायिक चुनौतियों और व्यवसाय के विस्तार से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव भी प्राप्त किए गए। कई उद्यमियों ने सरकारी योजनाओं से प्राप्त प्रशिक्षण, सहयोग और वित्तीय सहायता को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर बताया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक दुबे, एसडीएम आरोन मंजुषा खत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे, जिन्होंने शिविर को सफल बनाने में योगदान दिया।
