BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

जल जीवन मिशन के गड्ढों से परेशान झकनावदावासी, त्योहारों पर हादसों का डर

झाबुआ जिले के झकनावदा में जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कें दुरुस्त न होने से लोगों को भारी असुविधा हो रही है। आगामी...

Few days ago
4 मिनट में पढ़ें
•संवाददाता: राजेश काँसवा
जल जीवन मिशन के गड्ढों से परेशान झकनावदावासी, त्योहारों पर हादसों का डर

जिला झाबुआ | संवाददाता: राजेश काँसवा

द क्लिफ न्यूज़ | झाबुआ | 26 सितंबर 2026

मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के झकनावदा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों ने स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर समस्याएं खड़ी कर दी हैं। घर-घर नल से जल पहुंचाने के उद्देश्य से पाइपलाइन बिछाने के लिए नगर की कई सड़कों और मार्गों को खोदा गया है। कार्य पूर्ण होने के उपरांत भी इन गड्ढों को व्यवस्थित रूप से भरा या समतल नहीं किया गया है, जिसके कारण आवागमन बाधित हो गया है और राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर नल कनेक्शन के लिए खोले गए वाल्वों से पानी के रिसाव के कारण सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जो वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए खतरनाक साबित हो रही है।

वर्तमान में धार्मिक और सामाजिक आयोजनों का दौर जारी है, ऐसे में आगामी त्योहारों के दौरान इन बदहाल सड़कों से ही धार्मिक शोभायात्राओं को गुजरना पड़ेगा। सार्वजनिक नवदुर्गा महोत्सव के चलते महिलाओं और युवाओं को गरबा पांडाल तक पहुँचने के लिए इन्हीं असुरक्षित रास्तों से होकर निकलना होगा। रात के समय तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है, क्योंकि निर्माण सामग्री, पत्थरों और खुले पाइपों के कारण राहगीरों को गड्ढों का अंदाज़ा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका काफी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल सड़क खोद देना ही योजना का कार्य पूर्ण नहीं है, बल्कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत करना, गड्ढों को भरना और निर्माण सामग्री को हटाना भी इस योजना के कार्य का अभिन्न अंग है।

पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

इस अव्यवस्था को लेकर लोक स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी (पीएचई) विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिक यह पूछ रहे हैं कि यदि कार्य की निगरानी के लिए विभागीय अधिकारी मौजूद हैं, तो फिर जगह-जगह फैली इस अव्यवस्था पर समय रहते कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? क्या विभागीय स्तर पर कार्य की गुणवत्ता की नियमित रूप से जाँच नहीं हो रही है? नागरिकों ने इस बात पर चिंता जताई है कि त्योहारों के महत्वपूर्ण अवसर पर लोगों को इन जानलेवा गड्ढों से जूझना पड़ रहा है।

राजनीतिक प्रतिनिधियों की चिंता और आश्वासन

भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र राठौड़ ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीणजन अत्यधिक परेशान हैं और इस निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए, ताकि आगामी त्योहारों के दौरान ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पूर्व सांसद प्रतिनिधि राजेश काँसवा ने भी इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि गणेश चतुर्थी और तेजादशमी के बाद अब नवरात्रि के दौरान भी माताएं-बहनें इन्हीं गड्ढों के बीच से गरबा पांडाल तक पहुँचने को मजबूर होंगी, परंतु जिम्मेदार विभाग इस ओर से आंखें मूंदे हुए है।

इस पूरे मामले पर पीएचई विभाग पेटलावद के सहायक यंत्री शैलेष बघेल ने सफाई देते हुए बताया कि पाइपलाइन का कार्य करने वाले कारीगर त्योहारों के चलते अपने मूल गांव चले गए थे, जिस कारण कार्य की गति धीमी पड़ गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि कारीगर वापस लौट आए हैं और आगामी एक-दो दिनों के भीतर सड़कों को ठीक करवाने का कार्य सुनिश्चित कर लिया जाएगा।

जनता की मांग और भविष्य की राह

नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल जीवन मिशन के तहत संपन्न हुए सभी कार्यों की विस्तृत स्थलवार जांच कराई जाए और जो भी कार्य अधूरे रह गए हैं, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पीएचई विभाग के आश्वासन के बाद धरातल पर स्थिति कब तक सुधरती है और स्थानीय निवासी इन समस्याओं से कब तक निजात पा पाते हैं। त्योहारों के नजदीक आते ही, सड़कों की त्वरित मरम्मत की उम्मीद बढ़ गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।