जैतपुर में मानसून जनित बीमारियों का खतरा बढ़ा, डॉक्टर ने दी खास सलाह
महोबा के जैतपुर में मानसून से जलभराव व दूषित खानपान से वायरल फीवर, डेंगू, मलेरिया बढ़ रहा है। डॉक्टर ने बिना परामर्श दवा न लेने...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 10 सितंबर 2026
महोबा जनपद के जैतपुर क्षेत्र में मानसून की लगातार बारिश और जलभराव के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। क्षेत्र में पिछले दो दशकों से चिकित्सा सेवाएं दे रहे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विपिन कुमार सिंह ने नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष परामर्श जारी किया है। उन्होंने वायरल फीवर, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के प्रसार की प्रबल संभावना व्यक्त की है और नागरिकों से स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता बरतने की अपील की है।
बिना चिकित्सीय सलाह के दवाएं लेना जानलेवा हो सकता है, यह चेतावनी डॉ. सिंह ने विशेष रूप से दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुखार या संक्रमण के लक्षण दिखने पर स्वयं दवाएं लेने से बचें। ब्रूफीन, सूमो या कॉम्बीफ्लेम जैसी दर्द निवारक दवाओं का सेवन डॉक्टरी परामर्श के बिना विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है। डेंगू या मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों में, इन दवाओं का सेवन शरीर के प्लेटलेट्स पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, जिससे आंतरिक रक्तस्राव का गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसलिए, किसी भी दवा का सेवन करने से पूर्व चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।
बीमारियों से बचाव के उपाय
डॉ. विपिन कुमार सिंह ने बीमारियों से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय बताए हैं। उन्होंने सलाह दी है कि बुखार की स्थिति में सबसे पहले खून की जांच करवाकर बीमारी का सटीक कारण पता लगाना चाहिए। शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में साफ और सुरक्षित पेयजल का सेवन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मच्छरों के पनपने और काटने से बचने के लिए पूरे बाजू के कपड़े पहनना और घरों के आसपास पानी जमा न होने देना आवश्यक है। यह जलजनित और मच्छर जनित बीमारियों के फैलाव को रोकने में मददगार होगा।
उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द, सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई या बहुत अधिक कमजोरी महसूस हो, तो ऐसी स्थिति को बिलकुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे लक्षणों के दिखने पर व्यक्ति को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए ताकि समय रहते उचित उपचार मिल सके।
बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान
डॉ. सिंह ने बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमतर बताते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। यदि घर के इन कमजोर सदस्यों को बुखार आता है, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में तत्काल योग्य चिकित्सक से संपर्क करना ही इन मौसमी बीमारियों से बचाव का एकमात्र सुरक्षित मार्ग है। उन्होंने नागरिकों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेने का आग्रह किया है।
पिछले बीस वर्षों से जैतपुर की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े डॉ. सिंह का यह परामर्श मानसून के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान करता है। क्षेत्र के लोगों को जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके। इस चुनौतीपूर्ण मौसम में स्वस्थ रहने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ी कुंजी है।
