जबलपुर: सिविक सेंटर के सरकारी शौचालय पर मोमोज विक्रेता का कब्जा, नागरिक परेशान
जबलपुर में सिविक सेंटर स्थित सार्वजनिक शौचालय पर मोमोज विक्रेता का कब्जा है। इससे नागरिकों को असुविधा और गंदगी फैल रही है, जिस पर प्रशासन...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: विकास तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 16 सितंबर 2026
जबलपुर शहर के एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र, सिविक सेंटर में नगर निगम मुख्यालय और अतिक्रमण निरोधक शाखा कार्यालय के अत्यंत निकट स्थित सार्वजनिक सुलभ शौचालय पर एक मोमोज और टिक्का विक्रेता द्वारा अनधिकृत कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। आम जनता, विशेषकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए बनाए गए इस सरकारी केंद्र का उपयोग लंबे समय से एक फास्ट फूड विक्रेता द्वारा अपने व्यवसाय के लिए भंडारण कक्ष के रूप में किया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब संबंधित कार्यालय मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित हैं।
इस अतिक्रमण के कारण सार्वजनिक शौचालय परिसर में घरेलू गैस सिलेंडर, बड़े बर्तन, प्लास्टिक की कुर्सियां, लोहे की टेबल और खाद्य सामग्री रखी जा रही है। विक्रेता प्रतिदिन अपना चलित ठेला भवन के प्रवेश द्वार पर खड़ा करता है और दिनभर के कारोबार के बाद सामान कमरों में भरकर निजी ताला लगा देता है। इस व्यावसायिक उपयोग से प्रतिदिन पार्क में आने वाले लगभग 500 आगंतुकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
अतिक्रमण और यातायात बाधित
सुलभ शौचालय परिसर के आसपास एक दर्जन से अधिक अन्य चाट और नाश्ते के ठेले भी अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इन ठेलों के कारण 30 फीट चौड़ी मुख्य सड़क दिनभर 100 से अधिक वाहनों के बेतरतीब खड़े रहने से अवरुद्ध रहती है, जिससे आवागमन निरंतर बाधित होता है। सड़क का एक बड़ा हिस्सा इन ठेलों के कारण सिमटकर केवल 12 फीट का रह गया है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाती है।
प्रशासन की भूमिका और नागरिकों की मांग
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जोन कार्यालय के नियमित गश्ती दल और अतिक्रमण दस्ते की स्पष्ट मौजूदगी के बावजूद यह कब्जा बिना विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं है। क्षेत्रीय दुकानदारों द्वारा कई बार संबंधित निरीक्षकों को इस बाधा के बारे में सूचित किए जाने के बावजूद, आज तक कोई स्थलीय निरीक्षण या जब्ती की कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जिम्मेदारों की इस उदासीनता से आम जनमानस में तीव्र रोष व्याप्त है।
सुलभ शौचालय के बंद रहने के कारण आसपास के खुले कोनों में गंदगी का अंबार लग गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए इस अवैध कब्जे वाली संपत्ति को सील करने और शौचालय को पुनः आमजन के लिए बहाल करने की मांग की है, ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
