जबलपुर में करोड़ों का गांजा जब्त, कंटेनर से दो तस्कर गिरफ्तार
जबलपुर पुलिस और उत्तर प्रदेश की नारकोटिक्स विंग ने संयुक्त अभियान में एनएच-30 पर एक कंटेनर से 871 किलो गांजा बरामद किया है। इसकी कीमत...

जबलपुर | संवाददाता: आशीष नेमा
द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 31 अक्टूबर 2026
मध्यप्रदेश पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जबलपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कंटेनर से 871 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया है। जब्त किए गए इस मादक पदार्थ की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इस संबंध में दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया है, जो उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बताए जा रहे हैं। यह बड़ी बरामदगी जबलपुर पुलिस और उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित नारकोटिक्स विंग के संयुक्त अभियान का परिणाम है।
अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा
यह घटनाक्रम 30 अक्टूबर को तब हुआ जब पुलिस को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (एनएच-30) पर एक संदिग्ध कंटेनर क्रमांक एनएल-01-एसी-7191 के संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशानुसार, क्राइम ब्रांच और गोसलपुर थाना पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने एनएच-30 पर मुस्करा मोड़ के पास और मोहतरा टोल के समीप जाल बिछाकर कंटेनर को रोकने के लिए घेराबंदी की।
जब पुलिस ने कंटेनर को रोकने का इशारा किया, तो उसमें सवार दो व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस बल की तत्परता और सतर्कता के कारण दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के निवासी हैं।
पेंट के डिब्बों के पीछे छिपाया गया था गांजा
कंटेनर की सघन तलाशी लेने पर पुलिस को भीतर 412 नग पेंट के डिब्बे रखे मिले। इन डिब्बों की आड़ में, बेहद शातिराना तरीके से 28 बोरियां छिपाकर रखी गई थीं। जब पुलिस ने इन बोरियों की बारीकी से जांच की, तो उनमें खाकी रंग के टेप से सील किए गए गांजे के पैकेट बरामद हुए। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत की गई मापतौल में गांजे की कुल मात्रा 871 किलोग्राम और 95 ग्राम पाई गई।
आरोपी ने स्वीकार की विशाखापट्टनम से खेप लाने की बात
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि वे इस खेप को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से लेकर चले थे। उन्होंने बताया कि रास्ते में ओडिशा के बलांगीर निवासी एक व्यक्ति के निर्देश पर इस गांजे की खेप को कंटेनर में लोड किया गया था। इस खेप को मध्य प्रदेश के मैहर जिले के पास एक पूर्व निर्धारित स्थान पर खाली किया जाना था। पकड़े गए एक आरोपी ने यह भी कबूल किया कि वह पूर्व में भी बलांगीर के तस्करों के लिए काम कर चुका है और प्रत्येक सफल खेप पहुंचाने के बदले उसे एक लाख रुपये का भुगतान मिलता था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है ताकि तस्करी के इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य मुख्य चेहरों और आपूर्तिकर्ताओं तक पहुंचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
