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जबलपुर: भाजपाइयों में रोष, दिवंगत नेताओं की प्रतिमाएं फिर कब लगेंगी?

जबलपुर में भाजपा के संस्थापक नेताओं की प्रतिमाओं को निर्माण कार्य के चलते हटा दिया गया था। अब विभागों द्वारा जिम्मेदारियों से बचने पर कार्यकर्ता नाराज हैं और पुनर्स्थापना की मांग कर रहे हैं।

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संवाददाता: विकास तिवारी
जबलपुर: भाजपाइयों में रोष, दिवंगत नेताओं की प्रतिमाएं फिर कब लगेंगी?

संवाददाता: विकास तिवारी

द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 6 सितंबर 2026

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर नाराजगी है कि पार्टी को जबलपुर, महाकौशल और पूरे मध्य प्रदेश में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दिवंगत जननायकों, सांसद स्व. बाबूराव परांजपे और पूर्व मंत्री स्व. ओंकार प्रसाद तिवारी की प्रतिमाओं की उपेक्षा की जा रही है। जबलपुर में उनकी प्रतिमाएं वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही हटाने के बाद से अब तक पुनः स्थापित नहीं की गई हैं, जिससे पुराने काडर के कार्यकर्ता स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

यह मुद्दा तब सामने आया जब प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर जबलपुर प्रवास पर थे। उन्होंने पूर्व महाधिवक्ता रविनंदन सिंह के आवास पर प. ओंकार महाराज के सुपुत्र एवं भाजपा नेता आलोक ओंकार तिवारी के साथ-साथ दोनों जनसेवकों के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इन कार्यकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष को अवगत कराया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व महापौर सुशीला सिंह के कार्यकाल के दौरान स्व. परांजपे और स्व. ओंकार महाराज की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं।

निर्माण कार्य में बाधा बनने का हवाला

सूत्रों के अनुसार, दमोहनाका फ्लाईओव्हर के निर्माण कार्य के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगर निगम प्रशासन ने प्रतिमाओं को निर्माण में बाधा बनने और निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए उन्हें अस्थायी रूप से हटाने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव पर परांजपे और तिवारी परिवारों के साथ-साथ उनके समर्थकों ने भी शहर के विकास कार्य में सहयोग करते हुए प्रतिमाओं को अस्थायी रूप से हटाने की सहमति दे दी थी। प्रशासन द्वारा यह आश्वासन भी दिया गया था कि फ्लाईओव्हर का निर्माण पूरा होने के बाद प्रतिमाओं को उनके मूल स्थान पर पुनः स्थापित कर दिया जाएगा।

विभागों की टालमटोल और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना

फ्लाईओव्हर का निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है, लेकिन प्रतिमाओं को पुनः स्थापित करने के मामले में लोक निर्माण विभाग और नगर निगम प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने का प्रयास कर रहे हैं। दोनों ही विभाग इस बात से कन्नी काट रहे हैं कि प्रतिमाओं को स्थापित कराने की वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है। इस रवैये से पार्टी के पुराने कार्यकर्ता बेहद खफा हैं और इसे उन नेताओं के प्रति अनादर बता रहे हैं जिन्होंने भाजपा को आज इस मुकाम तक पहुंचाने में अथक परिश्रम किया था।

विधानसभा अध्यक्ष की हस्तक्षेप और त्वरित कार्रवाई के निर्देश

जब विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के समक्ष यह मामला पहुंचा, तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने जबलपुर के महापौर जगत बहादुर अन्नू को निर्देश दिया कि वे अविलंब स्व. बाबूराव परांजपे और स्व. ओंकार तिवारी की प्रतिमाओं की उनके निर्धारित स्थान पर पुनः स्थापना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्थानीय विधायक अभिलाष पांडे से भी इस कार्य को शीघ्रता से पूरा करने के संबंध में बात की।

जनप्रतिनिधियों का समर्थन, प्रशासन की हीलाहवाली

यह उल्लेखनीय है कि दोनों दिवंगत नेताओं की प्रतिमाओं की पुनर्स्थापना के लिए प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जबलपुर से सांसद आशीष दुबे, स्थानीय विधायक अभिलाष पांडे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू सहित सभी निर्वाचित जन प्रतिनिधियों ने पहले ही अपना समर्थन दे दिया है। इसके बावजूद, लोक निर्माण विभाग और नगर निगम प्रशासन द्वारा मामले को लगातार टालमटोल किया जा रहा है, जो कि आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की समझ से परे है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह रवैया उन नेताओं के योगदान को कम आंकने जैसा है, जिन्होंने पार्टी की नींव रखी थी।

बैठक में प्रमुख लोगों की उपस्थिति

पूर्व महाधिवक्ता श्री सिंह के निवास पर हुई इस मुलाकात के दौरान महापौर जगत बहादुर अन्नू, पूर्व महापौर सुशीला सिंह, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, आलोक ओंकार तिवारी के साथ-साथ भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता, दोनों जननायकों के पुराने साथी, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर प्रतिमाओं की तत्काल पुनर्स्थापना की मांग को दोहराया।