इटावा: रास्ता बंद होने से परेशान ग्रामीणों का सत्याग्रह, भूख हड़ताल पर बैठे लोग
इटावा के शेखूपुर जखोली गांव में रेलवे पुलिया पर जलभराव से रास्ता बंद होने के विरोध में ग्रामीणों ने सत्याग्रह और भूख हड़ताल शुरू की है। उनकी मुख्य मांग वैकल्पिक रास्ते की है।

द क्लिफ न्यूज़ | इटावा | 13 अगस्त 2026
जनपद इटावा के विकासखंड की ग्राम पंचायत शेखूपुर जखोली में ग्रामीणों ने एक महत्वपूर्ण रास्ते के बंद होने के विरोध में 'रास्ता दो या मौत' के नारे के साथ सत्याग्रह शुरू किया है। रेलवे पुलिया पर लंबे समय से जलभराव की समस्या के कारण गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है, जिससे स्थानीय लोगों को दैनिक जीवन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इस विरोध प्रदर्शन के तहत, पांच ग्रामीण राजकुमार, सुरेंद्र कुमार, सुभाष चंद्र, छोटे लाल और शिवनाथ भूख हड़ताल पर बैठे हैं। समाज सेवी दीपक राज के अनुसार, यह सत्याग्रह प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। प्रदर्शन में गांव के लगभग सौ से सवा सौ लोग शामिल हो रहे हैं, जो अपने लिए वैकल्पिक रास्ते की मांग कर रहे हैं।
जनता की दैनिक समस्याएं
भूख हड़ताल पर बैठे राजकुमार ने बताया कि रास्ता न होने के कारण ग्रामीणों को खरीदारी के लिए इकदिल कस्बे तक जाने में भारी परेशानी हो रही है। यह समस्या केवल बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को भी प्रभावित कर रही है। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि क्षेत्र में इंटर और हाई स्कूल के कॉलेज इकदिल कस्बे में हैं, और जलभराव के कारण छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है।
छोटे व्यवसायियों को भी इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। सुभाष चंद्र, जो बकरियों का व्यापार करते हैं, ने बताया कि इकदिल में लगने वाले बकरी बाजार तक पहुंच न होने के कारण उनके व्यापार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। वहीं, छोटेलाल ने जानकारी दी कि कई किसानों के खेत रेलवे लाइन के दूसरी ओर हैं, और जलभराव के चलते कृषि कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बाधित
ग्रामीणों के लिए सबसे गंभीर चिंता स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को लेकर है। शिवनाथ जी ने बताया कि गांव का सरकारी अस्पताल इकदिल में स्थित है, और बीमार मरीजों को वहां ले जाने में भारी कठिनाई हो रही है। पानी भर जाने के कारण आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना भी मुश्किल हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें एक स्थायी और सुलभ रास्ता नहीं मिल जाता, वे प्रतिदिन धरने पर बैठेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें अनसुनी की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस बीच, यह भी जानकारी सामने आई है कि देश राज, हरीशंकर, राधाकृष्ण, विमल और योगेश कल से भूख हड़ताल पर बैठने की योजना बना रहे हैं, जिससे आंदोलन और उग्र हो सकता है।
