इटावा में व्यापारियों का विरोध: सीलिंग नोटिसों के खिलाफ सीएम को सौंपा ज्ञापन
इटावा में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने आवासीय परिसरों में चल रही दुकानों को सीलिंग और ध्वस्तीकरण के नोटिसों के विरोध में मुख्यमंत्री को संबोधित...

इटावा | संवाददाता: मनोज कुमार
द क्लिफ न्यूज़ | इटावा | 21 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के इटावा में नगरपालिका, नगर निगम और आवास विकास परिषद द्वारा व्यापारियों को जारी किए जा रहे सीलिंग और ध्वस्तीकरण के नोटिसों के खिलाफ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने कड़ा विरोध जताया है। बुधवार, 21 अक्टूबर को जनपद के व्यापारियों ने एकजुट होकर सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई की अपील की गई है।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि वे वर्षों से अपने प्रतिष्ठानों का संचालन कर रहे हैं, लेकिन अब इन दुकानों को अवैध करार देकर उन पर संकट खड़ा किया जा रहा है। उनका तर्क है कि विकास प्राधिकरणों ने कॉलोनियों के नियोजन के दौरान पर्याप्त बाजारों की व्यवस्था नहीं की थी, जिस कारण व्यापारियों ने अपने संसाधनों से बाजार विकसित किए और स्थानीय निवासियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। ये व्यापारी कमर्शियल बिजली बिल, हाउस टैक्स, जीएसटी और आयकर जैसे विभिन्न करों का नियमित भुगतान कर देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद, आवासीय परिसरों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को निशाना बनाया जा रहा है।
आवास विकास परिषद पर तथ्यों को सही ढंग से प्रस्तुत न करने का आरोप
प्रतिनिधि मंडल ने इस मामले में आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर उच्चतम न्यायालय में तथ्यों को सही ढंग से प्रस्तुत न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश की आड़ में अब व्यापारियों को उत्पीड़ित किया जा रहा है। यदि इन नोटिसों पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो हजारों व्यापारियों के सामने अपनी आजीविका चलाने का गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
इस स्थिति के मद्देनजर, व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से कई प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने आवासीय परिसरों में व्यवसाय करने की अनुमति देने हेतु एक नए कानून के निर्माण की वकालत की है। इसके अतिरिक्त, पहले से संचालित बाजारों को नियमित करने के लिए एक स्पष्ट कानूनी व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है।
पुनर्वास और दोषी अधिकारियों की जांच की मांग
ज्ञापन में व्यापारियों ने यह भी कहा है कि जिन दुकानों को पूर्व में ध्वस्त किया जा चुका है, उन पीड़ितों के पुनर्वास की व्यवस्था सरकार को सुनिश्चित करनी चाहिए। यह भी मांग की गई है कि अवैध निर्माण के मामलों में केवल भवन स्वामियों को ही जिम्मेदार ठहराना अनुचित है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उन्हें भी दंडित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की प्रशासनिक मनमानी न हो सके।
इस विरोध प्रदर्शन में व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वेश सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित, जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार कठेरिया, अशोक जाटव, हाजी हन्नान मंसूरी, सुनील कुमार कुशवाहा, रियाज अहमद, रहमान, राहुल दीक्षित, आफताब खान, धर्मेंद्र यादव और हफीज खान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं स्थानीय व्यापारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार से इन नोटिसों को तत्काल वापस लेने और व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की पुरजोर अपील की है।
