इटावा में जलभराव: दसवें दिन भी जारी ग्रामीणों का अनशन, प्रशासन के आश्वासनों पर उठाए सवाल
इटावा के बढ़पुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत शेखूपुर जखोली में जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों का सत्याग्रह आंदोलन दसवें दिन भी जारी रहा। प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों को 'गतिहीन' बताते हुए ग्रामीणों ने समाधान न होने तक आंदोलन समाप्त न करने का संकल्प लिया है।

द क्लिफ न्यूज़ | इटावा | 21 अगस्त 2026
जनपद इटावा के विकासखंड बढ़पुरा की ग्राम पंचायत शेखूपुर जखोली में जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों का सत्याग्रह आंदोलन दसवें दिन भी जारी रहा। ग्रामीण 'मृत्यु या मोक्ष' के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं, उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा दिए जा रहे आश्वासन 'गतिहीन' हैं और समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकल रहा है।
सत्याग्रह संयोजक दीपक राज ने बताया कि जलभराव से पीड़ित जनता प्रशासन से मिले आश्वासनों से असंतुष्ट है। उन्होंने कहा कि जो भी प्रशासनिक अधिकारी आए हैं, उनके द्वारा दिए गए आश्वासन केवल कागजों तक सीमित रहे हैं और जमीन पर कोई प्रगति दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा कुछ पाइपलाइनें डाली गई हैं, लेकिन इससे जलभराव की समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं होगा।
समाधान मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
धरने पर बैठी महिला प्रदर्शनकारियों, जिनमें सीमा, सरला, प्रियंका, लक्ष्मी और मीताश्री शामिल हैं, ने सामूहिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि नौ दिनों के सत्याग्रह के बाद भी उन्हें रास्ते की समस्या का कोई समाधान नहीं मिला है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन यह सोचता है कि केवल कुछ पाइप डालकर उन्हें संतुष्ट किया जा सकता है, तो यह उनकी गलतफहमी है। प्रदर्शनकारियों ने संकल्प लिया है कि वे तब तक अपना सत्याग्रह समाप्त नहीं करेंगे जब तक उन्हें अवरुद्ध रास्ते से निकलने का सुगम मार्ग नहीं मिल जाता।
समर्थन में जुटे अन्य गांवों के लोग
दीपक राज ने आगे बताया कि लगातार बारिश के बावजूद ग्रामीणों का उत्साह कम नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि आज धरने पर अन्य गांवों के लोगों ने भी आकर अपना समर्थन व्यक्त किया, जिसे उन्होंने आंदोलन के लिए एक शुभ संकेत बताया। यह समर्थन ग्रामीणों के मनोबल को और मजबूत कर रहा है।
महिलाओं की भूख हड़ताल की तैयारी
आंदोलन को एक नई ऊर्जा देने के लिए, कल ग्यारहवें दिन धरने पर बैठने वाली महिला प्रदर्शनकारियों में रामसखी, सरला, गिरजा, माधुरी और उर्मिला भूख हड़ताल पर बैठेंगी। यह कदम प्रशासन पर दबाव बनाने और उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से उठाया जाएगा। ग्रामीण अपनी मांगों के पूरा होने तक डटे रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
