इटावा: डीआईजी ने व्यापारियों संग की बैठक, कानून-व्यवस्था और यातायात सुगम बनाने पर जोर
इटावा में डीआईजी यमुना प्रसाद ने व्यापारियों के साथ कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और सुगम यातायात पर महत्वपूर्ण बैठक की। पुलिस-व्यापारी समन्वय बढ़ाने पर सहमति बनी।

इटावा | संवाददाता: मनोज कुमार
द क्लिफ न्यूज़ | इटावा | 9 अक्टूबर 2026
इटावा पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को डीआईजी रेंज यमुना प्रसाद ने जनपद के प्रमुख व्यापारियों और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य बाजारों में कानून व्यवस्था, व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यातायात को सुगम बनाना रहा। बैठक में पुलिस और व्यापारिक समुदायों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि व्यापारिक गतिविधियों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार हो सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी बबिता सिंह और एसपी ग्रामीण श्रीश चन्द्र सहित जिले के सभी सर्किल ऑफिसर मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि बाजारों में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। बैठक के दौरान सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ करने के विभिन्न सुझावों पर भी गहन मंथन किया गया।
व्यापारी प्रतिनिधियों की उपस्थिति
बैठक में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वेश सिंह चौहान ने अपने नेतृत्व में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की। प्रतिनिधिमंडल में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के संरक्षक तरनपाल सिंह, जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित, मनोज कुमार कठेरिया, कामिल कुरैशी, अशोक जाटव, चमन वारसी और सरदार मनदीप सिंह जैसे प्रमुख पदाधिकारी शामिल थे। शहर अध्यक्ष सोनू अग्रवाल और लाइन पार अध्यक्ष सुनील कुशवाहा ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की विशिष्ट समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया।
महिला व्यापार मंडल की महामंत्री ममता दुबे, चित्रा परिहार, ज्योति पालीवाल और पूर्वी सक्सेना की उपस्थिति भी इस संवाद को महत्वपूर्ण बनाती है। इसके अतिरिक्त, उद्योग मंच के अध्यक्ष राहुल दीक्षित, रेडीमेड एसोसिएशन के अध्यक्ष देव गुप्ता और विभिन्न अन्य व्यापारिक प्रतिनिधि भी चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल हुए। इन सभी ने अपने-अपने अनुभव और सुझाव साझा किए, जिनसे जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था और यातायात की चुनौतियों को समझने में पुलिस अधिकारियों को मदद मिली।
