ISS पर हवा का रिसाव बढ़ा, मरम्मत के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने के लिए तैयार रहने के निर्देश
अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर हवा के रिसाव की मरम्मत के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को आपातकालीन निकासी और स्पेससूट पहनने के निर्देश दिए गए।

मुख्य बिंदु
- क्या हुआ: ISS पर हवा के रिसाव की मरम्मत के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को संभावित निकासी के लिए तैयार रहने और स्पेससूट पहनने के निर्देश दिए गए।
- यह क्यों महत्वपूर्ण है: रूसी ज्वेज्दा मॉड्यूल में बढ़ता रिसाव और दरारें इस अंतरिक्ष प्रयोगशाला की सुरक्षा के लिए लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं।
- क्या बदलाव आया: क्रू सदस्यों को सामान्य परिचालन में लौटने से पहले लगभग दो घंटे तक डॉक किए गए अंतरिक्ष यान में अस्थायी शरण लेनी पड़ी।
- कौन प्रभावित है: वर्तमान में इस अंतरिक्ष स्टेशन पर तैनात सात अंतरिक्ष यात्री, विशेष रूप से वे पांच जिन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दिया गया था।
मरम्मत के बीच एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश
एक दुर्लभ आपातकालीन प्रतिक्रिया में, मिशन नियंत्रकों ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को संभावित निकासी के लिए तैयार रहने का आदेश दिया। यह निर्देश तब आया जब रूसी चालक दल एक दरार वाली ट्रांसफर टनल में बढ़ रहे हवा के रिसाव को ठीक करने का काम कर रहा था।
नासा (NASA) के मिशन कंट्रोल ने स्थिति बिगड़ने पर तेजी से निकलने के लिए पांच क्रू सदस्यों को डॉक किए गए अंतरिक्ष यान के अंदर शरण लेने का निर्देश दिया। इस संवेदनशील मरम्मत कार्य के दौरान एहतियात के तौर पर अंतरिक्ष यात्रियों को अपने स्पेससूट पहनने के निर्देश भी दिए गए थे।
सौभाग्य से, यह एहतियाती प्रक्रिया लगभग दो घंटे बाद समाप्त हो गई। इसके बाद क्रू को फुटबॉल के मैदान के आकार की इस प्रयोगशाला में लौटने की अनुमति दे दी गई, जो पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर चक्कर लगा रही है।
रूसी सर्विस मॉड्यूल की दरारों ने बढ़ाई चिंता
इस समस्या की जड़ ज्वेज्दा (Zvezda) सर्विस मॉड्यूल में है, जहां लगातार आ रही दरारें अंतरिक्ष एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। नासा इन संरचनात्मक दरारों के मूल कारण का पता लगाने के लिए रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
अब तक, दोनों सहयोगियों ने अस्थायी उपायों और आंशिक मरम्मत के जरिए इस समस्या को संभाला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के माध्यम से स्थिति पर टिप्पणी करते हुए, नासा की प्रवक्ता बेथानी स्टीवंस ने इस मुद्दे की गंभीरता पर जोर दिया:
ज्वेज्दा मॉड्यूल पर दरारें "हमेशा से एक ऐसी चिंता रही हैं जिसे नासा बहुत करीब से देख रहा है।"
रोस्कोस्मोस ने दिया क्रू की सुरक्षा का आश्वासन
रूसी अंतरिक्ष अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उनके विशेषज्ञों ने स्टेशन पर दो अलग-अलग रिसावों की पहचान की है। हालांकि, रोस्कोस्मोस का दावा है कि सक्रिय उपायों से तात्कालिक खतरे को सफलतापूर्वक टाल दिया गया है।
रूसी एजेंसी के अनुसार, स्टेशन पर वर्तमान वायुमंडलीय स्थिति सुरक्षित मानकों के भीतर बनी हुई है। रोस्कोस्मोस ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा:
"यह स्थिति क्रू और ऑन-बोर्ड सिस्टम की सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है - ISS पर दबाव स्थिर है और तय स्तर पर बना हुआ है।"
इस समय अंतरिक्ष स्टेशन पर सात अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं, जबकि संरचनात्मक रिसाव को स्थायी रूप से ठीक करने के प्रयास जारी हैं।
आगे क्या होगा
आगे चलकर, नासा और रोस्कोस्मोस ज्वेज्दा मॉड्यूल में आई दरारों के मूल कारण का सटीक पता लगाने के लिए अपनी संयुक्त जांच जारी रखेंगे। विशेषज्ञ इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या अंतरिक्ष स्टेशन की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए और अधिक संरचनात्मक मरम्मत की आवश्यकता है।
आने वाले हफ्तों में केबिन के दबाव की स्थिरता के आधार पर भविष्य के रख-रखाव के शेड्यूल में बदलाव किया जा सकता है।
