ईशान की कप्तानी में ईस्ट जोन 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी फाइनल में
ईशान किशन की अगुवाई में ईस्ट जोन ने सेंट्रल जोन को चार विकेट से हराकर दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में प्रवेश किया। मुकेश कुमार प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए।

द क्लिफ न्यूज़ | बेंगलुरु | 2 सितंबर 2026
कप्तान ईशान किशन की कप्तानी में खेल रही ईस्ट जोन की टीम ने दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में सेंट्रल जोन को चार विकेट से मात देकर 13 साल के लंबे इंतजार के बाद टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। बेंगलुरु में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में ईस्ट जोन की जीत के नायकों में तेज गेंदबाज मुकेश कुमार, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और स्वयं कप्तान ईशान किशन रहे।
फाइनल में पहुंचने के साथ ही ईस्ट जोन के खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है। यह जीत टीम के लिए इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि पिछले 13 वर्षों से टीम दलीप ट्रॉफी के फाइनल में जगह नहीं बना पाई थी। अब टीम की निगाहें इस प्रतिष्ठित खिताब को अपने नाम करने पर टिकी होंगी।
मुकेश कुमार का बेहतरीन प्रदर्शन, मिले प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब
ईस्ट जोन की जीत में सबसे अहम भूमिका तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने निभाई। उन्होंने पूरे मैच के दौरान सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और कुल सात विकेट अपने नाम किए। महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट चटकाकर उन्होंने सेंट्रल जोन को बड़ी साझेदारी बनाने से रोका। उनके इस शानदार ऑल-राउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया। मुकेश की धारदार गेंदबाजी ने ईस्ट जोन को मुकाबले में बनाए रखा और जीत की नींव रखी।
वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन की निर्णायक पारियां
मैच के दौरान लक्ष्य का पीछा करते हुए जब ईस्ट जोन की टीम दबाव में थी, तब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने संयमित और उपयोगी बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने टीम को जीत की दिशा में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। कप्तान ईशान किशन ने भी इस दौरान महत्वपूर्ण योगदान दिया और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद की। इन दोनों बल्लेबाजों की पारियों की बदौलत ईस्ट जोन छह विकेट खोकर यह महत्वपूर्ण मुकाबला जीतने में सफल रहा।
चेन्नई में 6 सितंबर को खिताबी मुकाबला
दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला 6 सितंबर से चेन्नई के प्रतिष्ठित एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। सेमीफाइनल में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद, ईस्ट जोन की टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ फाइनल में उतरेगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे 13 साल के लंबे अंतराल के बाद इस खिताब को जीत पाते हैं या नहीं।
