ईरानी सेना प्रमुख का ऐलान: अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़ने पर 30 हजार डॉलर का इनाम
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातमी ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने वाले लड़ाकों के लिए 30 हजार डॉलर के इनाम की घोषणा की है।

द क्लिफ न्यूज़ | तेहरान | 16 अगस्त 2026
ईरान और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय तनाव के बीच, ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ अमीर हातमी ने एक विवादास्पद घोषणा करते हुए अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने वाले ईरानी लड़ाकों के लिए 30,000 डॉलर (लगभग 28 लाख रुपये से अधिक) के इनाम की घोषणा की है। यह घोषणा रविवार, 16 अगस्त को तेहरान में एक सार्वजनिक भाषण के दौरान की गई, जिससे दोनों देशों के बीच पहले से ही तल्ख संबंधों में और अधिक वृद्धि होने की आशंका है।
अमीर हातमी ने कहा कि जो कोई भी ईरानी नागरिक किसी अमेरिकी सैनिक को पकड़ता है या उसे जान से मार देता है, उसे ईरानी जनता की ओर से 30,000 डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने इस राशि को लगभग 5 अरब तोमान के बराबर बताया और ऐसे व्यक्तियों को 'उचित इनाम' देने का वादा किया।
महिला लड़ाकों के लिए दोगुना पुरस्कार का प्रावधान
इस घोषणा का एक विशिष्ट पहलू यह भी है कि महिला लड़ाकों को दोगुना इनाम देने का प्रस्ताव है। यदि कोई ईरानी महिला किसी अमेरिकी सैनिक को पकड़ने या मारने में सफल होती है, तो उसे लगभग 60,000 डॉलर का इनाम मिल सकता है। यह प्रावधान महिलाओं को इस तरह की कार्रवाई में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया हो सकता है।
हॉर्मुज स्ट्रेट पर तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति की चिंता
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव का एक प्रमुख केंद्र हॉर्मुज स्ट्रेट भी है। यह महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि या समुद्री यातायात में व्यवधान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
ईरान ने पहले भी हॉर्मुज स्ट्रेट के संबंध में अमेरिका और पश्चिमी देशों को चेतावनी दी है। वर्तमान में चल रहे तनाव के माहौल में, इस रणनीतिक जलमार्ग से तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर ईरान का कड़ा रुख
ईरानी सैन्य नेतृत्व लगातार क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति का विरोध करता रहा है। अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए सीधे तौर पर आर्थिक इनाम की घोषणा, ईरान के इस आक्रामक रुख को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। यह कदम दोनों देशों के बीच पहले से ही गंभीर रूप से तनावपूर्ण संबंधों को और बिगाड़ने वाला साबित हो सकता है।
ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और सैन्य गतिविधियों को लेकर लंबे समय से मतभेद चले आ रहे हैं। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में, किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई के इस तनाव को एक व्यापक क्षेत्र में फैलाने का खतरा बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता
अमेरिकी सैनिकों को लक्षित करने के लिए सार्वजनिक रूप से इनाम की घोषणा को अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा एक गंभीर घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। इससे क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैन्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और अधिक बढ़ सकती हैं। इसके अतिरिक्त, हॉर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर बढ़ते तनाव से वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
हालांकि, इस घोषणा के बाद किसी अमेरिकी सैनिक के पकड़े जाने या मारे जाने की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। फिलहाल, यह घोषणा ईरानी सैन्य नेतृत्व के एक बयान के रूप में ही सामने आई है।
