ईरान से जुड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज 'शेलबिट' से बाइनेंस को $676 मिलियन ट्रांसफर: प्रतिबंध उल्लंघन का खुलासा
जांच में खुलासा हुआ है कि दुबई स्थित बिना लाइसेंस वाले क्रिप्टो एक्सचेंज 'शेलबिट' ने ईरान से जुड़े अवैध वित्तीय नेटवर्क के तहत बाइनेंस को...

द क्लिफ न्यूज़ | दुबई | 2 अगस्त 2026
ईरान से जुड़े एक संदिग्ध, बिना लाइसेंस वाले क्रिप्टो एक्सचेंज 'शेलबिट' (Shelbit) ने दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म बाइनेंस (Binance) को लगभग $676 मिलियन (करीब 5,600 करोड़ रुपये) की क्रिप्टो राशि स्थानांतरित की है। हालिया जांच में सामने आए इन खुलासों से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को चकमा देने और अवैध वित्तीय नेटवर्क के संचालन का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरा खेल ईरान की आर्थिक गतिविधियों को गुप्त रखने और उसे वैश्विक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने का एक प्रयास है।
ब्लॉकचेन डेटा और वित्तीय विश्लेषकों द्वारा की गई गहन पड़ताल के अनुसार, मई 2024 से अब तक शेलबिट ने कम से कम $4 बिलियन मूल्य के क्रिप्टो लेनदेन को संसाधित किया है। इस राशि में 2,000 से अधिक फ़ारसी-भाषी ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी नेटवर्क शामिल हैं, जो इस अवैध धंधे को संचालित कर रहे थे।
शेलबिट का गुप्त वित्तीय नेटवर्क
जांच के मुख्य निष्कर्षों से पता चलता है कि शेलबिट से जुड़े विभिन्न क्रिप्टो वॉलेट्स से सीधे बाइनेंस प्लेटफॉर्म पर $676 मिलियन की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि $540 मिलियन की राशि वर्ष 2025 में दुबई के अधिकारियों द्वारा शेलबिट पर जुर्माना लगाने और उसे प्रतिबंधित करने के बाद स्थानांतरित की गई थी। इससे जाहिर होता है कि एक्सचेंज ने नियामक कार्रवाई के बावजूद अपने अवैध संचालन को जारी रखा।
ब्लॉकचेन डेटा की गहराई से की गई पड़ताल ने शेलबिट को ईरान के केंद्रीय बैंक (Central Bank of Iran) से भी जोड़ा है। इसके माध्यम से कम से कम $125 मिलियन के फंड को प्रोसेस किया गया। इसके अतिरिक्त, ईरान स्थित एक बिटकॉइन माइनिंग फर्म से भी लगभग $20 मिलियन सीधे बाइनेंस खातों में भेजे गए, जो देश के भीतर से क्रिप्टो संचालन की ओर इशारा करता है।
IRGC की संदिग्ध संलिप्तता
सुरक्षा विशेषज्ञों और साइबर विश्लेषकों का मानना है कि इस वैश्विक वित्तीय तंत्र को मुख्य रूप से ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का समर्थन प्राप्त हो सकता है। IRGC पर अक्सर अवैध विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए क्रिप्टो और जुआ प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के आरोप लगते रहे हैं। यह नेटवर्क संभवतः ईरानी अर्थव्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचाने और उसे गुप्त रूप से धन उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया है।
शेलबिट: एक कागजी एक्सचेंज
शेलबिट, जिसे दुबई में स्थित एक बिना लाइसेंस वाला ऑफ-शोर (Offshore) क्रिप्टो एक्सचेंज बताया गया है, का पंजीकृत पता दुबई के एक बजट होटल के ऊपर बना एक 'कागजी ऑफिस' है। धरातल पर वहां कोई स्टाफ या इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं पाया गया, जो इसे एक शेल कंपनी के रूप में स्थापित करता है। इसी कारण, दुबई के वर्चुअल एसेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (VARA) ने इसे अवैध संचालन और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका के चलते पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था।
बाइनेंस की प्रतिक्रिया और नियामक दबाव
इस मामले के सामने आने पर बाइनेंस की अनुपालन (Compliance) टीम ने स्पष्ट किया कि शेलबिट का बाइनेंस पर कोई आधिकारिक या कॉर्पोरेट खाता नहीं था। यह लेनदेन व्यक्तिगत वॉलेट्स और अलग-अलग यूजर्स के खातों के माध्यम से हुआ। बाइनेंस के अनुसार, ये खाते शुरुआती दौर में ऑटोमेटेड सुरक्षा प्रणाली द्वारा 'हाई-रिस्क' के रूप में चिह्नित नहीं हो पाए थे। हालांकि, जैसे ही संदिग्ध गतिविधि की पहचान हुई, संबंधित खातों को तुरंत फ्रीज कर दिया गया और आवश्यक डेटा कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया गया।
वहीं, इन जुआ वेबसाइटों का प्रचार करने वाले प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने शेलबिट, मनी लॉन्ड्रिंग या ईरानी सरकार के साथ किसी भी प्रकार के संबंध से पूरी तरह इनकार किया है।
वैश्विक वित्तीय व्यवस्था पर प्रभाव
यह घटनाक्रम वैश्विक वित्तीय व्यवस्था पर कई महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। बाइनेंस पर अमेरिकी नियामकों और अन्य वैश्विक संस्थाओं द्वारा प्रतिबंधों (Sanctions) के कड़े पालन का दबाव एक बार फिर बढ़ गया है। इसके अलावा, दुबई और अमेरिका सहित कई देश अब शेल कंपनियों और अनरजिस्टर्ड क्रिप्टो एक्सचेंजों के खिलाफ कड़े कदम उठा रहे हैं, जिससे बिना लाइसेंस वाले एक्सचेंजों पर शिकंजा कसता जा रहा है।
क्रिप्टो और अवैध चैनलों के जरिए वैश्विक बैंकिंग प्रणाली तक पहुँच बनाने की ईरान की रणनीति अब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की कड़ी निगरानी में आ गई है। यह घटना ईरान की समानांतर अर्थव्यवस्था को एक बड़ा झटका दे सकती है और भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के प्रयासों को बल प्रदान कर सकती है।
