इफको भिंड ने सहकारी कार्यकर्ताओं के लिए आधुनिक कृषि पर प्रशिक्षण आयोजित किया
इफको भिंड ने 13 अगस्त 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, लहार में सहकारी कार्यकर्ताओं को आधुनिक कृषि तकनीकों, नैनो उर्वरकों और इफको के नवीन उत्पादों के उपयोग पर प्रशिक्षित किया।

द क्लिफ न्यूज़ | भिंड | 15 अगस्त 2026
इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) भिंड ने 13 अगस्त 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, लहार में एक महत्वपूर्ण सहकारी कार्यकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न शाखाओं (दबह, लहार, मिहोना, रौन एवं अमायन) के शाखा प्रबंधकों, समिति प्रबंधकों और सहायक समिति प्रबंधकों को आधुनिक कृषि तकनीकों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन और उन्नत उर्वरक उपयोग के बारे में जानकारी प्रदान करना था। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इफको के नवीन कृषि उत्पादों को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए इन सहकारी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इफको ग्वालियर के उप-क्षेत्र प्रबंधक रूपेंद्र कुमार महोलिया थे, जबकि कृषि विज्ञान केंद्र लहार के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस.पी.एस. जादौन और मृदा वैज्ञानिक डॉ. बी.पी. सिंह, तथा इफको बाजार भोपाल के रीजनल मैनेजर ताहिर सैफी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ इफको भिंड के कनिष्ठ क्षेत्र प्रतिनिधि शुभम परमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
सहकारी समितियों के माध्यम से आधुनिक कृषि को बढ़ावा
कार्यक्रम में बोलते हुए, शुभम परमार ने इफको के गौरवशाली इतिहास और सहकारिता के क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने इफको द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न गतिविधियों और जिले में चल रहे किसान-हितैषी कार्यक्रमों से सभी को अवगत कराया।
मुख्य अतिथि रूपेंद्र कुमार महोलिया ने एक विस्तृत पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से इफको के विभिन्न कृषि उत्पादों, विशेष रूप से नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, एनपीके कंसोर्टिया, बायो-डिकंपोजर और सागरिका के उपयोग, महत्व एवं किसानों को होने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के प्रति विश्वास और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही सहकारी समितियों के माध्यम से इनके प्रभावी प्रचार-प्रसार के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने संकट हरण बीमा योजना के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में सहकारी समितियों के लिए एक व्यावसायिक मॉड्यूल भी प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य यह बताना था कि कैसे समितियां इफको के कृषि उत्पादों को किसानों तक पहुंचाकर अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को मजबूत कर सकती हैं और आय के अतिरिक्त अवसर विकसित कर सकती हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सहकारिता के सिद्धांत
डॉ. एस.पी.एस. जादौन, प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र लहार ने सहकारिता के मूल सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि एक मजबूत सहकारी व्यवस्था किसानों की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का आधार बनती है। उन्होंने जैविक और प्राकृतिक खेती की अवधारणा पर चर्चा की और आधुनिक कृषि में संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व को समझाया। डॉ. जादौन ने नैनो उर्वरकों जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अपनाने और किसानों तक सही तकनीकी जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
ताहिर सैफी, रीजनल मैनेजर, इफको बाजार भोपाल ने इफको के कृषि उत्पादों, विशेष रूप से सल्फर 90% और ह्यूमीवी पावर की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इनके उपयोग की विधि, कृषि में महत्व और किसानों को मिलने वाले संभावित लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. बी.पी. सिंह, मृदा वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र लहार ने नैनो उर्वरकों के प्रदर्शनों के अनुभव और परिणामों के आधार पर किसानों को नैनो उर्वरकों के उचित उपयोग, मात्रा, समय और छिड़काव की विधि के बारे में वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से नैनो उर्वरकों का उपयोग करके किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
आभार और सहयोग
कार्यक्रम के अंत में, अरुण रघुवंशी, कृषि स्नातक प्रशिक्षु, ग्वालियर ने उपस्थित सभी अतिथियों, अधिकारियों, शाखा प्रबंधकों, समिति प्रबंधकों और सहायक समिति प्रबंधकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस सफल आयोजन में श्री अंशुल यादव (एस.एफ.ए. लहार), श्री राजेश परमार (एस.एफ.ए. गोहद) और श्री नीतीश भारद्वाज (विक्रय अधिकारी, इफको बाजार भिंड) का विशेष सहयोग रहा।
