इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का रील रिकॉर्ड: 24 घंटे में 30.3 करोड़ व्यूज, संवाद बना वैश्विक चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा सुधारों पर जारी इंस्टाग्राम रील ने 24 घंटे में 30.3 करोड़ से अधिक व्यूज बटोरकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह रील युवाओं से सीधे संवाद का हिस्सा है।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 25 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा सुधारों और पेपर लीक के खिलाफ जारी की गई एक इंस्टाग्राम रील ने सोशल मीडिया के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस रील को जारी होने के पहले 24 घंटों के भीतर 303 मिलियन (30.3 करोड़) से अधिक बार देखा गया, जिससे यह इंस्टाग्राम पर सबसे अधिक देखी जाने वाली रील बन गई है। इसने दक्षिण कोरियाई के-पॉप समूह BTS और अमेरिकी स्ट्रीमर IShowSpeed की संयुक्त रील के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, जिसने लगभग 300 मिलियन व्यूज प्राप्त किए थे।
यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई हिस्सों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस रील के माध्यम से सीधे देश के युवाओं से संवाद किया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और सरकार द्वारा प्रस्तावित सुधार योजनाओं की जानकारी साझा की।
डिजिटल संवाद का अभूतपूर्व प्रभाव
इस रील को मिली ज़बरदस्त प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप, प्रधानमंत्री के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक ही दिन में लगभग 10 लाख नए फॉलोअर्स जुड़े। इसके साथ ही, उनके फॉलोअर्स की कुल संख्या 10 करोड़ से अधिक हो गई है, जो किसी भी लोकतांत्रिक देश के निर्वाचित नेता के लिए सोशल मीडिया पर सबसे बड़े जनसमर्थनों में से एक मानी जा रही है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद, प्रधानमंत्री ने एक संक्षिप्त वीडियो जारी कर युवाओं और देशवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा उत्साहपूर्वक दी गई प्रतिक्रियाओं और सुझावों ने उनके और जनता के बीच संवाद के रिश्ते को और मजबूत किया है। प्रधानमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में सरकार निरंतर प्रयासरत रहेगी।
सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर जोर
सूत्रों के अनुसार, इस अभूतपूर्व डिजिटल सफलता के बाद प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों को युवाओं से जुड़ने के लिए इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों के अधिक प्रभावी उपयोग की सलाह दी है। उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे रील्स, वीडियो और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करें और सरकारी योजनाओं तथा नीतियों की जानकारी को सरल भाषा में उन तक पहुंचाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकॉर्ड केवल सोशल मीडिया पर लोकप्रियता का सूचक नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म अब शासन, जनसंवाद और सार्वजनिक नीति से जुड़े संदेशों को प्रसारित करने के सबसे शक्तिशाली माध्यम बन चुके हैं। छोटे वीडियो प्रारूप, विशेष रूप से रील्स, युवाओं तक पहुंचने में अपनी भूमिका तेजी से बढ़ा रहे हैं।
कठोर कानून की ओर सरकार के कदम
इस बीच, केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि पेपर लीक से जुड़े मामलों पर एक कठोर कानून लाने की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। प्रस्तावित विधेयक में परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोहों और दोषियों के खिलाफ सख्त दंड का प्रावधान शामिल होगा। प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में भी युवाओं को आश्वस्त किया था कि उनकी मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
