BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

IndiGo विमान के इंजन में खराबी, चेन्नई में फुल इमरजेंसी के बाद सुरक्षित लैंडिंग

कोलकाता से चेन्नई आ रही IndiGo की उड़ान के लैंडिंग से ठीक पहले बाएं इंजन में खराबी आ गई। चेन्नई एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित की गई, लेकिन विमान सुरक्षित उतरा।

Few hours ago
4 मिनट में पढ़ें
IndiGo विमान के इंजन में खराबी, चेन्नई में फुल इमरजेंसी के बाद सुरक्षित लैंडिंग

द क्लिफ न्यूज़ | चेन्नई | 12 अगस्त 2026

कोलकाता से चेन्नई आ रही IndiGo की उड़ान संख्या 6E-723 में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 की देर रात एक गंभीर तकनीकी खराबी सामने आई। उड़ान के अंतिम चरण में, चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरने से कुछ समय पहले, विमान के बाएं इंजन ने काम करना बंद कर दिया। इस अप्रत्याशित स्थिति के मद्देनजर, चेन्नई हवाई अड्डे पर रात 11:29 बजे पूर्ण आपातकाल (फुल इमरजेंसी) की घोषणा कर दी गई।

घटनाक्रम की सूचना मिलते ही हवाई अड्डा प्रशासन सक्रिय हो गया। पूर्ण आपातकाल की घोषणा के साथ ही, अग्निशमन दस्ते, चिकित्सा दल और अन्य आवश्यक बचाव संसाधनों को हाई अलर्ट पर रखा गया। यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी अप्रिय घटना से तत्काल निपटा जा सके, सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए।

लैंडिंग से ठीक पहले इंजन फेल होने की स्थिति

IndiGo की यह उड़ान, जो कोलकाता से चेन्नई के लिए निर्धारित थी, अपने गंतव्य के निकट पहुंचने पर एक गंभीर तकनीकी चुनौती का सामना कर गई। उड़ान के दौरान बाएं इंजन में आई खराबी ने चालक दल को तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को सूचित करने के लिए प्रेरित किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, चालक दल ने विमान की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करना शुरू कर दिया।

विमान को प्राथमिकता के आधार पर उतारने की तैयारी की गई, जिसके लिए हवाई अड्डे के रनवे को खाली करा लिया गया और अन्य उड़ानों के संचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। आपातकालीन सेवाओं की सक्रियता ने यह सुनिश्चित किया कि विमान के उतरते ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी मौजूद रहे।

224 यात्री और क्रू सदस्य रहे सुरक्षित

इस विमान में कुल 224 लोग सवार थे, जिनमें यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे। इंजन में खराबी जैसी गंभीर तकनीकी समस्या के बावजूद, अनुभवी चालक दल ने अपनी कुशलता और शांतचित्तता का परिचय देते हुए विमान को स्थिर बनाए रखा। रात 11:37 बजे, विमान ने चेन्नई हवाई अड्डे के रनवे 25 पर सुरक्षित लैंडिंग की।

लैंडिंग के तुरंत बाद, सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित रूप से विमान से बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद, हवाई अड्डे पर पहले से लागू आपातकाल की स्थिति का तत्काल आकलन किया गया।

आपातकाल हटाया गया, सामान्य परिचालन बहाल

विमान के सफलतापूर्वक उतरने और उसमें सवार सभी व्यक्तियों के सुरक्षित होने की पुष्टि होने के बाद, रात 11:47 बजे चेन्नई हवाई अड्डे पर घोषित पूर्ण आपातकाल को वापस ले लिया गया। इसके साथ ही, हवाई अड्डे पर सामान्य परिचालन फिर से शुरू हो गया। आपातकाल के दौरान तैनात की गई विशेष बचाव और चिकित्सा टीमों को भी सामान्य ड्यूटी पर वापस भेज दिया गया।

चालक दल की तत्परता और सुरक्षा तैयारियों का महत्व

विमानन सुरक्षा के इतिहास में, एकल-इंजन विफलता (single-engine failure) एक अत्यधिक गंभीर तकनीकी आपात स्थिति मानी जाती है। ऐसे नाजुक क्षणों में, पायलटों और चालक दल को अत्यंत सतर्कता और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विमान को नियंत्रित करना होता है। इस घटना में, चालक दल ने न केवल खराबी की तुरंत सूचना दी, बल्कि विमान को सुरक्षित रूप से गंतव्य तक ले जाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हवाई अड्डे की त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी आपातकालीन व्यवस्था ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्व-निर्धारित आपातकालीन योजनाएं और संसाधनों की तत्परता किसी भी संभावित खतरे को टालने में कितनी महत्वपूर्ण हैं।

जांच का दायरा और भविष्य की प्रक्रियाएं

घटना के बाद, IndiGo ने विमान के बाएं इंजन में आई तकनीकी खराबी के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि खराबी किस विशेष घटक में आई और उड़ान के दौरान किन परिस्थितियों में यह विकसित हुई। विमानन नियामक प्राधिकरणों द्वारा भी इस घटना की समीक्षा की जा सकती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जा सकें।

यह घटना एक बार फिर विमानन उद्योग में तकनीकी निगरानी, नियमित रखरखाव, और पायलटों के प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करती है। यात्रियों की सुरक्षा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रहती है, और इस मामले में चालक दल की सूझबूझ और हवाई अड्डे की तैयारी ने एक बड़े खतरे को टालने में मदद की।