India’s First Privatised Railway Station Sets a New Benchmark in Modern Mobility
1/10 — A Milestone for Indian Railways भोपाल का रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (पूर्व में हबीबगंज) अब देश का पहला पूरी तरह निजी संचालन वाला...

1/10 — A Milestone for Indian Railways
भोपाल का रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (पूर्व में हबीबगंज) अब देश का पहला पूरी तरह निजी संचालन वाला रेलवे स्टेशन बन चुका है।
पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर ₹450 करोड़ में तैयार हुए इस टर्मिनल से रोज़ाना लगभग 30,000 यात्री गुजरते हैं।
यह प्रोजेक्ट भारतीय रेल के संचालन, यात्री सुविधाओं और स्टेशन विकास के मॉडल में बड़ा बदलाव दर्शाता है।
2/10 — एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं, रेलवे स्टेशन का नया रूप
स्टेशन की नई वास्तुशैली में एक विस्तृत एयर-कॉन्कोर्स, आरामदायक वेटिंग ज़ोन, हाई-टेक टिकटिंग सिस्टम, आधुनिक लाउंज और सरल नेविगेशन शामिल हैं।
एस्केलेटर, एलेवेटर, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और क्लीन, कंट्रोल्ड इनवायरनमेंट — सब मिलकर यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधा प्रदान करते हैं, जो अब तक भारतीय रेलवे स्टेशनों पर दुर्लभ थी।
3/10 — PPP मॉडल के तहत Bansal Group को जिम्मेदारी
स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य Bansal Group ने संभाला।
• 8 वर्षों तक संचालन और रखरखाव
• 45 वर्षों के लिए स्टेशन परिसर की भूमि पर लीज़
प्रोजेक्ट के पहले चरण पर ही ₹350 करोड़ खर्च हुए, जिसमें स्टेशन को जर्मनी के Heidelberg स्टेशन से प्रेरित आधुनिक डिजाइन दिया गया।
4/10 — भारत का पहला विशाल एयर-कॉन्कोर्स
84 मीटर × 36 मीटर का यह एयर-कॉन्कोर्स स्टेशन का केंद्र है।
यह प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम करता है, लोगों के प्रवाह को बेहतर बनाता है और 700 से अधिक यात्रियों के बैठने की व्यवस्था रखता है।
इसमें फूड कोर्ट, रिटेल कियोस्क, एलईडी स्क्रीन और प्राकृतिक रोशनी का भरपूर उपयोग स्टेशन को एक वास्तविक मल्टीमॉडल हब में बदल देता है।
5/10 — भविष्य की रेल आवाजाही के लिए तैयार
स्टेशन को हाई-फुटफॉल और तेज यातायात के अनुरूप बनाया गया है:
• 6 लिफ्ट
• 11 एस्केलेटर
• 3 ट्रैवलेटर
पैसेंजर व पार्सल मूवमेंट अलग-अलग सबवे से होता है।
अपग्रेडेड प्लेटफॉर्म और ट्रैक स्टेशन को भविष्य में लंबी दूरी की अधिक ट्रेनों को संभालने में सक्षम बनाते हैं।
6/10 — अधिक ट्रेन स्टॉपेज की योजना पर अध्ययन
भोपाल रेल मंडल ने यहां अधिक एक्सप्रेस और लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रेनें रोकने की संभावनाओं पर अध्ययन शुरू किया है।
अध्ययन में यह देखा जा रहा है कि फुटफॉल, रूट कंजेशन और टाइमटेबल पर असर डाले बिना कैसे स्टेशन को अधिक संचालनयोग्य बनाया जाए।
7/10 — लोगों की प्रतिक्रिया: शानदार सुविधाएं, पर स्टॉपेज की कमी
भोपाल और आसपास के यात्रियों ने स्टेशन की सफाई, डिज़ाइन और आधुनिक सुविधाओं की प्रशंसा की है।
हालांकि कई स्थानीय लोग यह भी कहते हैं कि ट्रेन स्टॉपेज कम होने के कारण उन्हें अभी भी भोपाल जंक्शन पर निर्भर रहना पड़ता है।
अधिकारियों का कहना है कि स्टॉपेज धीरे-धीरे बढ़ाए जाएंगे।
8/10 — पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा
स्टेशन का उन्नत स्वरूप भोपाल को मध्य भारत का उभरता हुआ क्षेत्रीय केंद्र बना रहा है।
बेहतर सुविधाओं, व्यावसायिक जगहों और विश्वसनीय संचालन के साथ यह:
• पर्यटन में वृद्धि
• नए बिजनेस निवेश
• उपनगरीय यात्राओं में आसानी
जैसे लाभ देने की क्षमता रखता है।
9/10 — टिकाऊ और समावेशी मॉडल
स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग स्टैंडर्ड के अनुसार डिजाइन किया गया है।
• सोलर पावर
• ऊर्जा-कुशल सिस्टम
• रैम्प, टैक्टाइल पाथवे, व्हीलचेयर-फ्रेंडली डिजाइन
सभी यात्रियों के लिए सहज व सुलभ माहौल सुनिश्चित करते हैं।
यह भविष्य के स्टेशन विकास का नया मानक स्थापित करता है।
10/10 — आधुनिक और महत्वाकांक्षी भोपाल का प्रतीक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 नवंबर 2021 को उद्घाटन किया गया यह स्टेशन आज स्मार्ट सिटी भोपाल की आकांक्षाओं को दर्शाता है।
विस्तृत पार्किंग, सुरक्षित इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुचारू प्रबंधन इसे भारत के सबसे उन्नत रेल टर्मिनलों में शामिल करते हैं — एक ऐसी झलक जहाँ भारतीय रेल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी दिखाई देती है।
